वायनाड लैंडस्लाइड में बढ़ा मौत का आंकड़ा, 6 शव बरामद,मृतकों में बिहार और झारखंड के प्रवासी मजदूर भी शामिल
केरल के वायनाड में सुरंग परियोजना स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। बृहस्पतिवार को आपदा स्थल और पास की नदी से तीन और शवों को बरामद किया गया है। जिला अधिकारियों और पीटीआई न्यूज एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वालों में बिहार और झारखंड के दो प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं, जो वहाँ आजीविका कमाने गए थे। फिलहाल आपदा क्षेत्र में युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। वायनाड के जिला अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को जिन तीन लोगों के शव रेस्क्यू टीम ने बरामद किए हैं, वे सभी प्रवासी श्रमिक थे। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले सर्वेक्षणकर्ता अजहरुद्दीन अंसारी, हिमाचल प्रदेश के इंजीनियर राहुल शर्मा और बिहार के रहने वाले खुदाई मशीन ऑपरेटर मोहम्मद इमरान के रूप में हुई है।
वहीं झारखंड के रहने वाले एक अन्य श्रमिक अनमोल डोडराई की भी इस हादसे में मौत हो गई है। केरल के मंत्री एपी अनिल कुमार और टी सिद्दिक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आपदा स्थल पर चलाए जा रहे कड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान एक शव मलबे से, जबकि दो अन्य शव पास की नदी से बहते हुए बरामद किए गए हैं। यह भीषण भूस्खलन 7 जुलाई को वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी 'अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना' वाले स्थल पर हुआ था। हादसे के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है। वर्तमान में दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में खोजी दस्ते जुटे हुए हैं। हादसे में घायल हुए 10 लोगों में से 3 को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि 4 अन्य का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। वहीं 3 अन्य मजदूर गहन चिकित्सा इकाई में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं, जिनमें से दो की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। केरल के अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए सभी शवों का पोस्टमार्टम सबसे पहले व्यिथिरी तालुक अस्पताल में कराया जाएगा। इसके बाद सभी शवों को सुरक्षित रखने के लिए कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संरक्षित (प्रिजर्व) करके रखा जाएगा, जहां से कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें उनके पैतृक राज्यों में भेजा जाएगा। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कहा है कि इस समय प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढना और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। प्रभावित क्षेत्र के ज़ोन एक और दो सहित नदी के तटीय इलाकों में खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।