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लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवालः शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर दमन के गंभीर आरोप! पीड़ित ने हाईकोर्ट व मानवाधिकार आयोग से लगाई गुहार, कार्यवाही न होने पर आमरण अनशन का ऐलान

editor
  • Awaaz Desk
  • April 20, 2026 08:04 AM
Democratic rights in question: Serious allegations of police repression during a peaceful protest! Victim appeals to the High Court and Human Rights Commission, announcing a hunger strike if no action is taken.

नैनीताल/हल्द्वानी। मदरसन कंपनी के बाहर मजदूरों के समर्थन में चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित सख्ती ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति के संयोजक पीयूष जोशी ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है। पीड़ित के अनुसार धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, तभी मौके पर मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर हरपाल सिंह ने कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से उनका गला पकड़ लिया, उनके साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
पीयूष जोशी का कहना है कि यह घटना केवल मजदूर आंदोलन को दबाने का प्रयास नहीं, बल्कि उनके द्वारा क्षेत्र में चलाए जा रहे नशा-विरोधी अभियान का परिणाम भी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफियाओं के दबाव में पुलिस उन्हें डराने और चुप कराने की कोशिश कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित ने न्यायपालिका और प्रशासनिक संस्थाओं का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि यह घटना संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने विशेष रूप से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, मानवाधिकारों की रक्षा तथा गरिमामय जीवन के अधिकार का हवाला दिया। पीड़ित ने उच्च न्यायालय, राज्य मानवाधिकार आयोग, पुलिस शिकायत प्राधिकरण और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच हो और जांच पूरी होने तक उनका निलंबन हो। यही नहीं मेडिकल परीक्षण के आधार पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग भी उठाई गयी है। पीयूष जोशी ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वे एसएसपी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद उनके जीवन को कोई खतरा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


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