मानसून के साथ डेंगू की दस्तक: 49 मरीज संक्रमित,स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, संडे स्पेशल अभियान से कटेगा लारवा
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मानसून के दौरान डेंगू ने दस्तक दे दी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही डेंगू के मच्छरों को पनपने का मौका दे सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 4 अगस्त को विभिन्न अस्पतालों से 396 सैंपलों की जांच की गई। इनमें टीएचडीसी कॉलोनी, बंजारावाला निवासी 76 वर्षीय बुजुर्ग में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में कुल 13,019 सैंपलों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 49 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 26 मरीज देहरादून के निवासी हैं, जबकि 23 संक्रमित अन्य जिलों से संबंधित हैं। राहत की बात यह है कि अब तक 49 संक्रमितों में से 44 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में केवल पांच सक्रिय मरीज विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। सबसे बड़ी राहत यह भी है कि जिले में अब तक डेंगू से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, उनमें से अधिकांश पहले से अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। अस्पताल में जांच के दौरान उनमें डेंगू संक्रमण भी पाया गया। कई मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री भी सामने आई है, जिससे संक्रमण के दूसरे क्षेत्रों से आने की संभावना जताई जा रही है। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक अभियान शुरू किया है। आशा कार्यकर्ताओं और वॉलिंटियर्स की मदद से घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच, सोर्स रिडक्शन और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान छात्र-छात्राओं को वेक्टर जनित रोगों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सप्ताह में एक दिन, विशेषकर रविवार को, अपने घर और आसपास का निरीक्षण अवश्य करें। फ्रिज के पीछे लगी ट्रे, गमलों के नीचे रखी प्लेट, कूलर, पुराने टायर, बाल्टी, ड्रम और छत पर रखे अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। यदि कहीं पानी जमा मिले तो उसे तुरंत खाली करें और कूलर का पानी नियमित रूप से बदलते रहें। आंकड़ों के अनुसार आशा कार्यकर्ताओं ने अब तक 79.40 लाख से अधिक कंटेनरों की जांच की है, जिनमें 1,435 कंटेनरों में मच्छरों का लार्वा मिला। वहीं वॉलिंटियर्स द्वारा 24.82 लाख से अधिक कंटेनरों की जांच में 7,506 कंटेनर पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा 5,961 घरों में मच्छरों के प्रजनन की पुष्टि होने पर तत्काल सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि लोग साफ-सफाई, पानी की निकासी और मच्छरों से बचाव के उपायों को गंभीरता से अपनाएं तो डेंगू जैसी बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है। विभाग ने बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।