श्रावणी मेले से पहले देवघर को मिली ‘नमो एंबुलेंस’ की सौगात, निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला
देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले से पहले देवघर में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की पहल पर सोमवार से देवघर में चार ‘नमो एंबुलेंस’ सेवाओं की शुरुआत की गई। इस अवसर पर सांसद ने जहां जनसेवा को प्राथमिकता बताते हुए बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का भरोसा दिया, वहीं राजनीतिक मंच से कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा और पार्टी के प्रदेश प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए।
सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान उन्होंने लगातार यह महसूस किया है कि श्रावणी मेले के समय स्वास्थ्य व्यवस्था कई बार अपेक्षित स्तर पर नहीं रह पाती। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अचानक बीमार पड़ने वाले लोगों और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण मरीजों की हालत और गंभीर हो जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए फिलहाल चार ‘नमो एंबुलेंस’ सेवाओं को शुरू किया गया है। इन एंबुलेंसों का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। सांसद ने कहा कि यह पहल केवल श्रावणी मेले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में भी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संथाल परगना और झारखंड की जनता के हित में विकास और जनसेवा के कार्य उनकी प्राथमिकता हैं। आने वाले समय में भी क्षेत्र को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाएं शुरू की जाएंगी। इस दौरान सांसद निशिकांत दुबे ने राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो चुनावी हार के बाद उसे सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके कुछ नेताओं का ध्यान केवल सत्ता और धन पर केंद्रित है।सांसद ने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्वयं पैसे लेने का काम कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया। वहीं, जदयू विधायक सरयू राय द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर दिए गए हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि सरयू राय एक वरिष्ठ, अनुभवी और दूरदर्शी नेता हैं। यदि वे कोई राजनीतिक सुझाव दे रहे हैं तो उसके पीछे निश्चित रूप से कोई रणनीतिक सोच होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय पर उनकी व्यक्तिगत रूप से सरयू राय से कोई चर्चा नहीं हुई है। निशिकांत दुबे ने कहा कि संभवतः सरयू राय को लग रहा है कि कांग्रेस झारखंड में “लूट की राजनीति” कर रही है, इसलिए वे झामुमो को कांग्रेस से अलग रास्ता अपनाने की सलाह दे रहे हैं। श्रावणी मेले से पहले शुरू हुई ‘नमो एंबुलेंस’ सेवा जहां श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आई है, वहीं सांसद के राजनीतिक बयानों ने राज्य की सियासत में नई बहस को भी जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह पहल और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों चर्चा का विषय बने रहने की संभावना है।