असम सरकार में विभागों का हुआ श्रीगणेश: चार मंत्रियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, 26 मई के बाद बढ़ेगा कुनबा
असम में लगातार तीसरी बार सत्ता का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपनी सरकार के पहले चरण के मंत्रिमंडल के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। राजभवन से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद, मुख्यमंत्री के साथ शपथ लेने वाले चार कैबिनेट मंत्रियों की जिम्मेदारियों की सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है। यह बंटवारा न केवल प्रशासनिक सुगमता बल्कि असम के विविध सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट में शामिल किए गए चार प्रमुख नेताओं को उनके अनुभव और समुदायों के प्रतिनिधित्व के आधार पर विभाग सौंपे गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री को श्रम कल्याण, चाय जनजाति और आदिवासी कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ ट्रांसफॉर्मेशन एंड डेवलपमेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पिछली सरकार में वित्त जैसे भारी-भरकम मंत्रालय संभालने वाली नेओग को इस बार महिला एवं बाल विकास और पर्यटन विभाग की कमान दी गई है। क्षेत्रीय दल असम गण परिषद के नेता को पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सीमा संरक्षण, आबकारी और असम समझौता क्रियान्वयन जैसे रणनीतिक विभाग मिले हैं। बोडो समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे चरण बोरो ने अपना पुराना दबदबा कायम रखते हुए परिवहन और बोडोलैंड कल्याण विभाग अपने पास बरकरार रखा है। मंत्रिमंडल के पूर्ण विस्तार तक गृह, वित्त और स्वास्थ्य जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा स्वयं संभालेंगे। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आगामी 26 मई को विधानसभा के पहले सत्र के समापन के बाद भव्य कैबिनेट विस्तार किया जाएगा, जिसमें नए चेहरों को जगह मिलेगी। इन नियुक्तियों में भाजपा ने 'सबका साथ, सबका विकास' का संदेश देने की कोशिश की है। जहाँ रमेश्वर तेली चाय जनजाति का चेहरा हैं, वहीं अजंता नियोग महिला सशक्तिकरण का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। अतुल बोरा के जरिए क्षेत्रीय भावनाओं और चरण बोरो के जरिए बोडो समुदाय के हितों को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है। 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों के भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई सरमा सरकार अब 26 मई के बाद अपनी पूरी टीम के साथ विकास कार्यों को गति देगी।