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देवभूमि शर्मसार: चंपावत में किशोरी से धारदार हथियार के बल पर सामूहिक दरिंदगी, नग्न अवस्था में कमरे में मिली पीड़िता

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 06, 2026 12:05 PM
Devbhoomi Shamed: Teenage Girl Gang-Raped at Knifepoint in Champawat; Victim Found Naked in Room

चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जनपद से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सल्ली क्षेत्र में 16 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी के साथ तीन युवकों ने धारदार हथियार के बल पर नृशंस सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी, उन्होंने किशोरी को नग्न अवस्था में रस्सी से बांधकर एक कमरे में ताला लगाकर बंद कर दिया और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

पीड़ित किशोरी के पिता, जो स्वयं बीमार हैं, उन्होंने बुधवार को चंपावत कोतवाली में आपबीती सुनाई। पिता ने बताया कि उनकी बेटी उनका इलाज कराने के लिए उन्हें गांव से चंपावत लाई थी। 5 मई 2026 की दोपहर करीब 2:30 बजे आरोपी विनोद सिंह रावत किशोरी को शादी समारोह में ले जाने के बहाने सल्ली ले गया। जब रात तक बेटी घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। देर रात 1:28 बजे किशोरी का फोन आया, लेकिन उसके तुरंत बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने रातभर सल्ली के जंगलों और आसपास के इलाकों में छानबीन की। सुबह करीब 4:00 बजे एक डेयरी के कमरे में किशोरी बंधक बनी हुई मिली। वह नग्न अवस्था में थी और रस्सी से बुरी तरह जकड़ी हुई थी। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि तीन लोगों ने उसके गले पर चाकू और बसुला (धारदार हथियार) रखकर उसे जान से मारने की धमकी दी और बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदगी के बाद आरोपी उसे कमरे में ताला लगाकर भाग निकले। पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी पूरन सिंह रावत, विनोद सिंह रावत और नवीन सिंह रावत के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) (सामूहिक दुष्कर्म), 127(2), 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही तीनों सलाखों के पीछे होंगे। चंपावत के लोगों ने इस जघन्य अपराध के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके। यह घटना देवभूमि की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता पर गहरे सवाल खड़े करती है।


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