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उत्तराखंड पेंशन घोटाले पर धामी का चाबुक! 653 अपात्रों से होगी 16.8 करोड़ की वसूली, अफसर भी नपेंगे

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 03, 2026 06:05 AM
Dhami Cracks Down on Uttarakhand Pension Scam! ₹16.8 Crore to be Recovered from 653 Ineligible Beneficiaries; Officials Also Face Action.

देहरादून।  उत्तराखंड के समाज कल्याण विभाग में करोड़ों के पेंशन घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। अपात्रों द्वारा फर्जी आय प्रमाणपत्रों के सहारे दोहरी पेंशन डकारने के मामले की जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। अब इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लेंगे। जांच में दोषी पाए गए 653 व्यक्तियों से करीब 16.8 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि वसूलने की तैयारी है। साथ ही, गलत तरीके से प्रमाणपत्र जारी करने वाले तहसील स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

शासन द्वारा गठित विभागीय जांच समिति ने प्रदेश भर के 1377 संदिग्ध मामलों की गहनता से पड़ताल की। रिपोर्ट के अनुसार, 653 व्यक्तियों ने सिस्टम को धोखा देकर एक से अधिक पेंशन का लाभ उठाया। इनमें से कई लोग पहले से सरकारी पेंशनभोगी थे, फिर भी उन्होंने वृद्धावस्था या विधवा पेंशन के लिए आवेदन कर लाभ लिया। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 565 मामले राज्य आंदोलनकारी आश्रित कोटे से जुड़े हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से पेंशन हथियाई।
जांच समिति ने न केवल अवैध रूप से ली गई 16.8 करोड़ की राशि की वसूली की सिफारिश की है, बल्कि उन तहसील कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है जिन्होंने बिना स्थलीय सत्यापन के आय प्रमाणपत्र जारी किए। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतना बड़ा खेल मुमकिन नहीं था। विभाग ने पहले ही एहतियात के तौर पर संदिग्ध खातों की पेंशन रोक दी थी और लाभार्थियों से शपथ पत्र मांगे थे। अब जांच पूरी होने के बाद शासन कड़े फैसले लेने के मूड में है। मुख्यमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलते ही न केवल वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी, बल्कि फर्जीवाड़ा करने वालों और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
 


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