मिशन 2027 से पहले 'धामी सरकार' का रिपोर्ट कार्ड: 3,980 घोषणाओं में से 2,535 पर लगी मुहर, सीएम ने दिए काम में रफ़्तार के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव से पहले अपनी सभी घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए कमर कस ली है। गुरुवार, 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के साथ मैराथन बैठकें कीं और स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 4 जुलाई 2021 को सत्ता संभालने के बाद से 9 अप्रैल 2026 तक मुख्यमंत्री धामी ने कुल 3,980 घोषणाएं की हैं। रिपोर्ट कार्ड के अनुसार, इनमें से 2,535 घोषणाओं का शासनादेश (GO) जारी हो चुका है, यानी इन पर काम की सरकारी मुहर लग चुकी है। वहीं, 982 घोषणाएं ऐसी हैं जिन पर वर्तमान में कार्रवाई गतिमान है। हालांकि, 399 घोषणाएं अभी अपूर्ण हैं, जिन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने की चुनौती सरकार के सामने है।
विकास के मोर्चे पर सबसे अधिक ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रहा है। मुख्यमंत्री ने अकेले लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़ी 816 घोषणाएं कीं, जिनमें से 679 का शासनादेश जारी हो चुका है। इसी तरह, सिंचाई विभाग की 412 घोषणाओं में से 266 को हरी झंडी मिल चुकी है। शहरी विकास विभाग में भी 303 में से 220 घोषणाओं पर काम शुरू हो चुका है। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो मुख्यमंत्री ने सबसे अधिक घोषणाएं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के विभागों (PWD, सिंचाई, पर्यटन, संस्कृति) से संबंधित की हैं। महाराज के विभागों से जुड़ी कुल 1,913 घोषणाएं हुईं, जिनमें से 1,291 का शासनादेश जारी हो चुका है। गौरतलब है कि हालिया मंत्रिमंडल विस्तार में पंचायती राज विभाग अब मदन कौशिक के पास चला गया है, लेकिन उस विभाग की अधिकांश घोषणाएं भी महाराज के कार्यकाल के दौरान की गई थीं। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि जन समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्ताव यदि एक विभाग से दूसरे विभाग को भेजे जाने हैं, तो इसमें कोई फाइल नहीं अटकनी चाहिए। सीएम ने स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग की लापरवाही से काम में देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। चुनाव से एक साल पहले घोषणाओं का धरातल पर उतरना किसी भी सरकार के लिए जनता का विश्वास जीतने का सबसे बड़ा माध्यम होता है। मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता बताती है कि भाजपा विकास के एजेंडे पर ही 2027 की चुनावी वैतरणी पार करने की तैयारी में है।