आपदा प्रबंधन :सरोवर नगरी के डीएसए मैदान और नैनीताल के बाजारों में क्यो मचा हड़कंप?
बुधवार को सरोवर नगरी के डीएसए मैदान और नैनीताल के बाजारों में कुछ वक्त के लिए लोग सकते में आ गए जब शासन और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीम ने मॉक ड्रिल किया। जिसमे भूकंप जैसी आपदा और आगजनी की घटना को लेकर सिस्टम की जांच के साथ ही जनता को सजग करने का प्रयास भी किया गया। बीते दिनों नैनीताल में आये भूकंप के चलते इस मॉक ड्रिल को बेहद आवश्यक भी माना जा रहा है।
इससे पहले भी सरकार द्वारा मॉक ड्रिल प्रदेशभर में किया जा चुका है। जिसमे यूजर्स को मोबाइल पर डाउनलोड किए गए भूकंप चेतावनी एप के माध्यम से न सिर्फ अलर्ट किया गया था , बल्कि देहरादून, हल्द्वानी समेत अन्य स्थानों पर सायरन भी बजाए गए थे ।
क्या होता है मॉक ड्रिल ?
भविष्य में आने वाली घटनाओं को भाप करके उसे रोकने के लिए और उससे बचने के लिए किये जाने वाले अभ्यास और प्रक्रिया को मॉक ड्रिलिंग कहा जाता है। अगर आसान भाषा में कहीं तो अक्सर आने वाले समय में हम लोगों के साथ किसी ना किसी प्रकार की घटनाएं होती रहती है वहीं अगर हम भविष्य में होने वाले घटनाओं को भापकर उससे बचने के लिए और आने वाली परिस्थितियों से उभरने के लिए पहले से नकली अभ्यास और प्रयास करते हैं तो उन सभी प्रक्रियाओं को मॉक ड्रिलिंग कहा जाता है।
मॉक ड्रिल करने का फायदा यह होता है कि जब वह परिस्थिति वास्तव में सामने आती है तो उससे निपटने मे आसानी होती है ऐसी तैयारी हमारे भविष्य को भी बढ़ाने के लिए काफी ज्यादा अग्रसर करते है।