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उत्तराखंड में महंगाई का डबल अटैक: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े, अब पहाड़ों पर माल भाड़ा 10प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 16, 2026 06:05 AM
Double Whammy of Inflation in Uttarakhand: Petrol and Diesel Prices Rise, Now Preparations Underway to Hike Freight Charges in the Hills by Up to 10%

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों (हिल रूट्स) में रहने वाले लोगों पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ पड़ने जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी और वाहनों के रखरखाव (मेंटेनेंस) की बढ़ती लागत के चलते ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने अब हाथ खड़े कर दिए हैं। देवभूमि ट्रांसपोर्ट महासंघ ने साफ किया है कि लगातार बढ़ते खर्चों के कारण अब पर्वतीय मार्गों पर माल भाड़े (किराए) में 8 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। इस संबंध में जल्द ही महासंघ की एक आपात बैठक होने जा रही है, जिसमें किराए में वृद्धि पर अंतिम मुहर लगेगी। 

महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा और प्रदेश प्रभारी दया किशन शर्मा ने बताया कि केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि लुब्रिकेंट्स, टायर और स्पेयर पार्ट्स की महंगाई ने परिवहन व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है। वहीं, महासंघ अध्यक्ष राकेश जोशी और देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल (ट्रांसपोर्ट नगर) के अध्यक्ष जसपाल सिंह कोहली ने कहा कि गाड़ी बनाने की सामग्री से लेकर रखरखाव तक हर चीज महंगी हो गई है। लोहा, पत्ती, चादर, बैटरी, ग्रीस और डीजल एग्जास्ट फ्लूड (डीईएफ) के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे पुराने माल भाड़े पर गाड़ियों का संचालन नामुमकिन हो गया है। इस बीच, शुक्रवार को हल्द्वानी में पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतें दर्ज की गईं। शहर में पेट्रोल ₹95.42 प्रति लीटर और डीजल ₹90.64 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया। दामों में बढ़ोतरी के बीच शुक्रवार को शहर के कई पेट्रोल पंपों, विशेषकर नैनीताल रोड स्थित पंपों पर सुबह से दोपहर तक 4 से 5 घंटों के लिए ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। कई पंपों पर सामान्य पेट्रोल खत्म हो गया था, जिसके कारण वाहन चालकों को मजबूरन सामान्य से ₹9 महंगा प्रीमियम पेट्रोल डलवाना पड़ा। इससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त मार पड़ी। हालांकि, पर्वतीय पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा ने साफ किया कि यह किल्लत अस्थायी थी और शाम तक आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी गई। लेकिन ट्रांसपोर्टर्स के रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में राशन से लेकर हर जरूरी सामान महंगा होना तय है।


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