• Home
  • News
  • Dream of becoming a constable left unfulfilled: Suspicious death of a three-months-pregnant woman after returning from an exam; mystery deepens due to conflicting statements from family members.

सिपाही बनने का सपना रह गया अधूरा: परीक्षा देकर लौटी 3 महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों के बयानों में उलझी गुत्थी

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 05, 2026 11:07 AM
Dream of becoming a constable left unfulfilled: Suspicious death of a three-months-pregnant woman after returning from an exam; mystery deepens due to conflicting statements from family members.

बेगूसराय। जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरहा बिंद टोली से एक दिल दहला देने वाला और बेहद रहस्यमयी मामला प्रकाश में आया है। बिहार पुलिस में सिपाही बनकर देश और समाज की सेवा करने का ख्वाब देखने वाली 21 वर्षीय कुंदन कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका तीन महीने की गर्भवती थी और अपने पीछे एक साल का मासूम बेटा छोड़ गई है। इस घटना के बाद से जहां एक ओर पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है, वहीं दूसरी ओर मृतका के ससुराल और मायके पक्ष से आ रहे विरोधाभासी बयानों ने मौत के कारणों को पूरी तरह उलझा दिया है।

मूल रूप से मुंगेर जिले के टीकारामपुर की रहने वाली अनिल महतो की पुत्री कुंदन कुमारी का विवाह वर्ष 2024 में साहेबपुर कमाल के अमित कुमार से हुआ था। इंटरमीडिएट पास कुंदन पढ़ने-लिखने में बेहद मेधावी थी। शादी होने और फिर एक बच्चे की मां बनने के बावजूद उसने अपने सपनों से समझौता नहीं किया। उसके पति अमित कुमार दिल्ली में मजदूरी कर किसी तरह परिवार चलाते थे, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी की लगन को देखकर उसकी पढ़ाई और करियर में हमेशा पूरा साथ दिया। बीते 24 जून को ही कुंदन कुमारी मद्य निषेध विभाग में सिपाही भर्ती की परीक्षा देने के लिए सीतामढ़ी गई थी। परीक्षा देकर जब वह लौटी, तो उसके चेहरे पर कामयाबी की चमक थी। उसने फोन पर अपने पति को खुशी-खुशी बताया था कि उसका पेपर बहुत शानदार गया है और इस बार उसका चयन (सिलेक्शन) पक्का है। लेकिन किसे पता था कि खाकी वर्दी पहनने की यह हसरत चंद दिनों में ही हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो जाएगी। कुंदन की मौत के बाद से ही इस मामले में कई तरह की सस्पेंस भरी बातें सामने आ रही हैं। मृतका के पति अमित कुमार का दावा है कि उन दोनों के बीच किसी तरह का कोई मनमुटाव या घरेलू विवाद नहीं था। घटना के वक्त वह अपने खेतों पर काम करने गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सूचना मिली कि कुंदन ने घर के भीतर आत्मघाती कदम उठा लिया है। वे भागते हुए घर पहुंचे और फंदे से शव को उतारकर तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरी तरफ, इस पूरी थ्योरी पर मृतका के मौसा राजेश महतो के बयान ने संदेह की सुई घुमा दी है। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष द्वारा उन्हें सबसे पहले यह सूचना दी गई थी कि कुंदन की मौत सीढ़ी से पैर फिसलकर गिरने के कारण हुई है। लेकिन जब वे लोग पहुंचे, तो कहानी बदलकर फांसी लगाने की बताई जाने लगी। बयानों का यह विरोधाभास किसी गहरी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। इस संवेदनशील और संदिग्ध मौत की भनक लगते ही साहेबपुर कमाल थाने की पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी की और अंत्यपरीक्षण के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष सिंटू कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पूरी तरह संदिग्ध है। पुलिस इस केस को बेहद संजीदगी से ले रही है और मायके व ससुराल दोनों पक्षों के लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि मौत के असली कारणों का सटीक खुलासा पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मृतका के मायके वालों के लिखित आवेदन और साक्ष्यों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


संबंधित आलेख: