• Home
  • News
  • DSB Campus Student Union Elections: Straight contest for the post of President between ABVP and an independent candidate, show of strength at the general meeting on the final day.

डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव: अध्यक्ष पद पर एबीवीपी और निर्दलीय में सीधा मुकाबला,अंतिम दिन आम सभा में दिखा दमखम

editor
  • Tapas Vishwas
  • September 28, 2026 12:09 PM
DSB Campus Student Union Elections: Straight contest for the post of President between ABVP and an independent candidate, show of strength at the general meeting on the final day.

नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध डीएसबी (डीएसबी) परिसर में छात्र राजनीति का पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। परिसर में 29 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। इस बार के चुनाव में सबसे ज्यादा उत्सुकता अध्यक्ष पद को लेकर बनी हुई है, जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच सीधे और कांटे के मुकाबले की पूरी संभावना जताई जा रही है।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में छात्रसंघ चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। 29 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले सोमवार को आमसभा के साथ प्रचार अभियान का अंतिम दौर पूरा होगा। अध्यक्ष पद पर मुकाबला अब त्रिकोणीय है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रत्याशी शुभम कुमार के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह चौहान और हिमांशु आर्य मैदान में हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आयोजित आमसभा में अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों ने छात्र-छात्राओं के बीच अपनी बात रखी और अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने का प्रयास किया। प्रत्याशियों ने परिसर की समस्याओं, छात्र हितों और मूलभूत सुविधाओं को चुनावी मुद्दा बनाते हुए समाधान को प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया। आमसभा के दौरान परिसर में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए। डीएसबी परिसर में अध्यक्ष पद के मुकाबले पर छात्र-छात्राओं की नजर बनी हुई है। एबीवीपी ने शुभम कुमार को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। संगठन की ओर से छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने की बात कही गई थी। वहीं भानु प्रताप सिंह चौहान और हिमांशु आर्य निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के अलावा अन्य पदों पर भी चुनावी गतिविधियां जारी हैं। नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 16 प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए थे। छात्र उपाध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी का नामांकन निर्धारित आयु संबंधी अर्हता पूरी नहीं होने के कारण निरस्त किया गया। कुछ पदों पर एक-एक प्रत्याशी होने के कारण निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बनी है, जबकि संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पदों पर मुकाबला है। छात्रसंघ चुनाव के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 सितंबर को आमसभा और प्रचार का अंतिम चरण, जबकि 29 सितंबर को मतदान, मतगणना, परिणाम और शपथ ग्रहण कराया जाएगा। प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सक्रियता मतदान प्रबंधन और अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंच बनाने पर केंद्रित रहेगी। इस बार छात्रसंघ चुनाव में महिला आरक्षण के प्रावधान के चलते भी परिसर की चुनावी प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल रहा है। छात्रसंघ के विभिन्न पदों में छात्राओं के लिए आरक्षित पदों पर भी प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत संपन्न कराने पर जोर दिया गया है। चुनाव को लेकर पुलिस-प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन भी सतर्क है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में मतदान के अंतिम चरण में परिसर का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखना प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। अब 29 सितंबर को छात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। अध्यक्ष पद पर तीन प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है। नतीजे मतदान और मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।


संबंधित आलेख: