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उत्तराखंड में दुर्गा अष्टमी पर कन्याओं का पूजन, सीएम धामी ने पैर पखारकर लिया आशीर्वाद

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 26, 2026 11:03 AM
Durga Ashtami Celebrated in Uttarakhand with the Worship of Young Girls; CM Dhami Washes Their Feet and Seeks Their Blessings.

देहरादून। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और रामनवमी के पावन अवसर पर उत्तराखंड में कन्या पूजन का कार्यक्रम बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास पर कन्या पूजन कर देवी स्वरूपा बालिकाओं का सम्मान किया और प्रदेश की खुशहाली तथा समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम धामी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कन्याओं के पैर पखारे, उन्हें भोजन कराया और फिर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन चरित्र हमें कर्तव्यनिष्ठा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि सभी का जीवन सुख, समृद्धि और खुशहाली से परिपूर्ण हो तथा उत्तराखंड प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे। सीएम धामी ने रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “रामनवमी का पर्व मर्यादा, आदर्शों और नैतिक मूल्यों के प्रति हमारी आस्था को और अधिक सुदृढ़ करता है। कन्या पूजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अहम अंग है, जो नारी सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।

उधर, हल्द्वानी में स्वच्छता कर्मियों यानी पर्यावरण मित्रों की 150 कन्याओं के लिए विशेष कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भी नवरात्रि की अष्टमी और रामनवमी की भावना के अनुरूप कन्याओं का पूजन और सम्मान किया गया। कन्या पूजन भारतीय संस्कृति की एक प्राचीन और पवित्र परंपरा है, जिसमें नौ कन्याओं को देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों के रूप में पूजा जाता है। यह परंपरा नारी शक्ति के सम्मान और समाज में महिलाओं की गरिमा को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री धामी द्वारा स्वयं कन्याओं के पैर पखारना और उनका आशीर्वाद लेना इस परंपरा के प्रति उनकी गहरी आस्था और नारी सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ना हमारा दायित्व है। रामनवमी के अवसर पर कन्या पूजन जैसा कार्यक्रम न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और नारीअधिकारिता का भी संदेश देता है। कार्यक्रम में शामिल कन्याओं और उनके अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील व्यवहार की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीएम धामी का यह कदम पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। रामनवमी और नवरात्रि के पर्व पर पूरे उत्तराखंड में मंदिरों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर कन्या पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेशवासी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रहे हैं और नारी शक्ति के सम्मान का संकल्प ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कन्या पूजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड में नारी सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का एक सशक्त संदेश भी है।


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