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हनुमान जयंती पर रामनगर पहुंचे सीएम, मंदिरों में की पूजा-अर्चना, बोले-आस्था और विकास का संगम है देवभूमि',शीतकालीन यात्रा में 1.6 लाख श्रद्धालुओं ने रचा इतिहास

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  • Tapas Vishwas
  • April 02, 2026 11:04 AM
El Ministro Principal visita Ramnagar en Hanuman Jayanti, ofrece oraciones en los templos y afirma que "Devbhoomi es una confluencia de fe y desarrollo"; 1,6 lakh de devotos hacen historia durante la peregrinación invernal.

रामनगर। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को रामनगर पहुंचे, जहाँ उन्होंने भक्ति और शक्ति के संगम के बीच प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान सीएम ने न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, बल्कि आगामी चारधाम यात्रा और कुंभ 2027 को लेकर सरकार का विजन भी साझा किया।

अपने दौरे की शुरुआत में मुख्यमंत्री सबसे पहले रामनगर स्थित प्रसिद्ध बालाजी मंदिर और छोई स्थित हनुमान धाम पहुंचे। हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में उन्होंने बजरंगबली की विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि व शांति की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुमान जी का आशीर्वाद और सेवा भाव ही हमें जनसेवा की प्रेरणा देता है। अग्रवाल सभा में आयोजित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा ने नए आयाम स्थापित किए हैं। 19 अप्रैल को चारधाम के कपाट खुलने तक चलने वाली इस यात्रा में अब तक लगभग 1 लाख 60 हजार श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "शीतकाल में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड अब 'ऑल वेदर' आध्यात्मिक गंतव्य बन चुका है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित महाकुंभ को लेकर बड़ा अपडेट देते हुए कहा कि इसकी तैयारियां अभी से युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कुंभ को केवल उत्तराखंड का नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का केंद्र बताया और कहा कि सरकार इसे वैश्विक स्तर पर भव्य स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। केदारखंड और मानसखंड कॉरिडोर के विकास से राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई मजबूती मिली है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरते हुए उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सेवा और सुशासन ही हमारी पहचान है। कार्यकर्ताओं को संगठन की भूमिका और जनसेवा के महत्व को समझते हुए जनता के बीच सक्रिय रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक हब बनाना है, जिससे यहाँ के स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और देवभूमि की पहचान सशक्त हो।


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