पीएम मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले मुखिया! पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के मुखिया के रूप में कार्य करने वाले नेता बन गए। उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए कुल 8,931 दिनों तक पद पर रहकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके संयुक्त कार्यकाल को मिलाकर हासिल हुई है। पीएम मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार जनसेवा में सक्रिय रहे हैं। वे आजादी के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं और 2014, 2019 तथा 2024 में लगातार तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिलाने वाले पहले नेता बने हैं। पिछले साल अक्टूबर में उन्होंने सरकार के मुखिया के रूप में 25वें साल में प्रवेश किया था और तब देशवासियों का आभार व्यक्त किया था।
अपने सफर को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने बहुत मुश्किल हालात में गुजरात की कमान संभाली थी। राज्य तब 2001 के भूकंप, सुपर साइक्लोन, लगातार सूखे और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा था। इन चुनौतियों ने उनके संकल्प को और मजबूत किया। उन्होंने अपनी मां की सलाह को याद किया कि गरीबों की सेवा करें और कभी रिश्वत न लें। इन्हीं सिद्धांतों ने उनके सार्वजनिक जीवन को दिशा दी। गुजरात में उनके कार्यकाल के दौरान राज्य सूखे और आर्थिक संकट से उबरकर “अच्छे शासन का पावरहाउस” बन गया। कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व प्रगति हुई। 2013 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए जाने को उन्होंने “भरोसे और शासन के संकट” का दौर बताया और 2014 के चुनाव में जनता द्वारा दिए गए निर्णायक जनादेश को लोगों की ताकत बताया। प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्षों में देश में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थान पर है। नारी शक्ति, युवा शक्ति और किसानों के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा सबसे बड़ा सम्मान है और वे संवैधानिक मूल्यों के साथ “विकसित भारत” के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि दशकों की निरंतर मेहनत, संकटों से जूझने की क्षमता और जनता के भरोसे का प्रतीक है। पीएम मोदी का यह रिकॉर्ड भारतीय लोकतंत्र की स्थिरता और मजबूत नेतृत्व की मिसाल पेश करता है। देशवासियों ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस उपलब्धि पर बधाई दी है और आने वाले समय में “विकसित भारत” के संकल्प को और मजबूत करने की बात कही है।