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चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान: 16 राज्यों और तीन चरण में शुरू होगा मतदाता सूची का महा-अभियान, घर-घर दस्तक देंगे बीएलओ 

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 14, 2026 10:05 AM
Election Commission's Major Announcement: Mega-Campaign for Voter List Revision to Commence Across 16 States in Three Phases; BLOs to Conduct Door-to-Door Visits.

देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को एक बड़ा निर्णय लिया है। आयोग ने देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसईआर) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। आगामी 20 मई से शुरू होने वाला यह अभियान मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा जमीनी प्रयास माना जा रहा है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस तीसरे चरण के दौरान आयोग की मशीनरी व्यापक स्तर पर सक्रिय होगी। करीब 3.94 लाख बूथ स्तर के अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुँचेंगे। यह टीम 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के तहत चल रही 'हाउस लिस्टिंग' प्रक्रिया के साथ समन्वय बिठाते हुए ही इस तीसरे चरण का शेड्यूल तय किया गया है, ताकि संसाधनों का कुशल उपयोग हो सके। इस महा-अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण राज्य शामिल हैं। राजधानी दिल्ली के लिए आयोग ने विशेष समय-सीमा तय की है, जिसके तहत 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह है कि इस चरण के पूरा होते ही हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर शेष पूरा भारत इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दायरे में आ जाएगा। इन तीन क्षेत्रों के लिए आयोग बाद में अलग से कार्यक्रम जारी करेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देशवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, "एसईआर का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों के नाम हों और कोई भी अयोग्य नाम इसमें शामिल न रहे। यह लोकतंत्र को स्वच्छ बनाने का एक सहभागी अभ्यास है।" उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि जब बीएलओ उनके घर आएँ, तो वे पूरे उत्साह के साथ अपना एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना प्रपत्र) भरें। चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाने के लिए राजनीतिक दलों से भी सक्रिय सहयोग माँगा है। आयोग ने सभी दलों से अपील की है कि वे प्रत्येक पोलिंग बूथ पर अपने 'बूथ लेवल एजेंट' नियुक्त करें। इससे पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश कम होगी। गौरतलब है कि एसईआर के पहले दो चरणों में अब तक 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जा चुका है। उन चरणों में 6.3 लाख से अधिक बीएलओ और राजनीतिक दलों के 9.2 लाख बीएलए ने हिस्सा लिया था। अब तीसरे चरण के साथ आयोग देश के अंतिम कोने तक पहुँचकर मतदाता सूची को अपडेट करने के अपने संकल्प को पूरा करने जा रहा है।


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