उत्तराखंड में चुनावी तैयारी तेज: 88.48% मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र,अब 'डिजिटाइजेशन' पर जोर,चंपावत-पिथौरागढ़ वितरण में सबसे आगे
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूचियों को पूरी तरह पारदर्शी और हाईटेक बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सभी जिलाधिकारियों के साथ एसआईआर अभियान की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में सामने आया कि प्रदेश में अब तक 88.48 प्रतिशत गणना प्रपत्र (फॉर्म) मतदाताओं को बांटे जा चुके हैं। पहले चरण की इस सफलता के बाद अब निर्वाचन विभाग ने दूसरे चरण के तहत 'फॉर्म डिजिटाइजेशन' यानी डेटा को ऑनलाइन करने के कार्य पर पूरा जोर देना शुरू कर दिया है।
समीक्षा बैठक के दौरान जिलावार आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, जिसमें पर्वतीय जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। चंपावत जिला 99.74 प्रतिशत फॉर्म वितरण के साथ पूरे प्रदेश में शीर्ष पर है, जबकि पिथौरागढ़ (99.13%) और रुद्रप्रयाग (99.03%) दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं। इसके विपरीत, मैदानी और अधिक आबादी वाले जिले जैसे देहरादून (80.54%) और ऊधम सिंह नगर (81.27%) राज्य के औसत से काफी पीछे चल रहे हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना की, जबकि पिछड़े जिलों की विधानसभाओं और मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त मोबाइल टीमें तैनात करने के निर्देश दिए हैं ताकि काम में तेजी लाई जा सके। पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड के कई सुदूरवर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की बड़ी समस्या है। ऐसे 'शैडो एरिया' (नेटवर्क विहीन क्षेत्रों) के लिए विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है। डॉ. जोगदंडे ने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में बीएलओ की मदद के लिए आईटी और मोबाइल टीमों को मौके पर भेजा जाए। इसके अलावा, बीएलओ ऐप के नए मॉड्यूल्स को आसानी से समझाने के लिए 10 से 12 बीएलओ के छोटे-छोटे समूहों में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन विभाग ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से इस महाअभियान में सहयोग करने की अपील की है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता अपने गणना फॉर्म के साथ केवल एक नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो बीएलओ को उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 7 जुलाई तक चलने वाले इस घर-घर भ्रमण अभियान के दौरान मतदाताओं को अपनी पहचान के लिए कोई भी अन्य सरकारी दस्तावेज या कागजात देने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी मतदाता को फॉर्म भरने या इस प्रक्रिया से जुड़ी कोई समस्या है, तो वह जिले के टोल फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर सकता है। इसके अलावा, राज्य स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 180033001950 पर भी संपर्क कर हर प्रकार की सहायता और जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जिलावार वितरण रिपोर्ट (एक नज़र में प्रतिशत)
जिला फॉर्म वितरण (प्रतिशत में)
चंपावत 99.74%
पिथौरागढ़ 99.13%
रुद्रप्रयाग 99.03%
चमोली 98.36%
अल्मोड़ा 94.93%
टिहरी 93.43%
पौड़ी 92.08%
उत्तरकाशी 90.47%
बागेश्वर 90.13%
हरिद्वार 89.37%
नैनीताल 87.65%
यूएस नगर 81.27%
देहरादून 80.54%