पूर्व सैनिकों को मिला सीएसडी कैंटीन का तोहफा, सीएम ने पुण्यतिथि पर पिता को किया नमन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को अपने पिता, स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित 'गौरव सैनिक सम्मान समारोह' में शिरकत की। बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री ने इस दौरान न केवल अपने पिता के सैन्य संघर्षों को याद किया, बल्कि प्रदेश के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं का खाका भी पेश किया।
अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने 28 वर्षों तक सेना की महार रेजिमेंट में सेवा दी। 1962 के भारत-चीन युद्ध से लेकर 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध, और ऑपरेशन ब्लूस्टार व ऑपरेशन रक्षक जैसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में उनका अटूट योगदान रहा। उन्होंने कहा कि एक सैनिक पुत्र होने के नाते वे सैनिकों की समस्याओं और उनके गौरव को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित 60 वीर नारियों और 80 वीर योद्धाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब बलिदानी सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने के लिए आवेदन की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। साथ ही, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के लिए बसों में निशुल्क यात्रा और 25 लाख तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25% की छूट जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं। देश के बढ़ते सैन्य सामर्थ्य पर चर्चा करते हुए सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में जो रक्षा उत्पादन 46 हजार करोड़ था, वह अब 1.54 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वहीं, रक्षा निर्यात जो पहले 1,000 करोड़ से कम था, अब 38 हजार करोड़ का रिकॉर्ड बना चुका है। आज भारत दुनिया के 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण बेच रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि देहरादून में निर्माणाधीन 'सैन्य धाम' आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति का तीर्थ बनेगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, मुख्यमंत्री की माता बिशना देवी और पत्नी गीता धामी सहित कई वरिष्ठ नेता व सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।