बर्फीली हवाओं पर आस्था भारी: केदारनाथ में कुदरत का इम्तिहान, 4 लाख की ओर बढ़ा आंकड़ा; एयर एम्बुलेंस से भी हो रही मदद
रुद्रप्रयाग। हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित बाबा केदार का धाम इन दिनों एक ओर प्रकृति की कठिन परीक्षा और दूसरी ओर भक्तों की अटूट आस्था का गवाह बन रहा है। केदारनाथ में पिछले एक हफ्ते से मौसम लगातार करवट बदल रहा है, लेकिन हाड़ कपाने वाली ठंड और अचानक हो रही बर्फबारी भी शिव भक्तों के कदम नहीं रोक पा रही है। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं का रेला इस कदर उमड़ रहा है कि यात्रा का आंकड़ा तेजी से चार लाख की ओर बढ़ रहा है।
केदारघाटी में मौसम का मिजाज हर पल बदल रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कभी मूसलाधार बारिश तो कभी भारी बर्फबारी से तापमान गिर रहा है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके बावजूद देशभर से आ रहे भक्तों का उत्साह सातवें आसमान पर है। बाबा केदार के जयकारों से पूरी केदारपुरी गुंजायमान है। प्रतिदिन 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। चुनौतीपूर्ण मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन 'अलर्ट मोड' पर है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में पूरी यात्रा व्यवस्था को सेक्टरों और सब-सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल निर्णय लिया जा सके। सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस बल के जवान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं। बढ़ती ठंड और कम ऑक्सीजन के कारण कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें देवदूत बनकर काम कर रही हैं। बीमार यात्रियों को तत्काल उपचार दिया जा रहा है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए प्रशासन ने एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से हर दिन 2 से 3 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को घंटों लंबी कतारों में न खड़ा होना पड़े, इसके लिए प्रशासन ने प्रभावी 'टोकन सिस्टम' लागू किया है। इस पारदर्शी व्यवस्था के चलते अब यात्रियों को औसतन एक घंटे के भीतर बाबा के दर्शन प्राप्त हो रहे हैं। इससे न केवल भीड़ का प्रबंधन आसान हुआ है, बल्कि यात्रियों को भी भारी राहत मिली है। बर्फबारी और बारिश ने चुनौतियां जरूर पैदा की हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं और हर यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। केदारनाथ की इस यात्रा में इस बार एक विशेष नजारा दिख रहा है जहां एक तरफ सफेद बर्फ की चादर है, वहीं दूसरी तरफ केसरिया और लाल वस्त्रों में सजे भक्तों की कतारें। यह संगम यह सिद्ध करता है कि हिमालय की दुर्गम चोटियों पर बाबा केदार के प्रति श्रद्धा, प्रकृति के किसी भी प्रहार से कहीं अधिक शक्तिशाली है। प्रशासन ने अपील की है कि यात्री मौसम का अपडेट लेकर ही आगे बढ़ें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का विशेष ध्यान रखें।