आस्थाः जयकारों के बीच खुले श्री हेमकुंड साहिब के कपाट! उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चमोली। विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलने के दौरान पूरा धाम ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयघोषों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक और पावन अवसर पर करीब तीन हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने गुरु महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कपाट खुलने के अवसर पर पंच प्यारों की अगुवाई में सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था शनिवार तड़के ही पवित्र धाम पहुंचा। श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति से पूरी लोकपाल घाटी भक्तिमय वातावरण में डूब गई। हर ओर श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरुद्वारे को लगभग पांच क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे धाम की सुंदरता और भी आकर्षक दिखाई दे रही थी। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि परंपरानुसार सचखंड से गुरुग्रंथ साहिब को दरबार में विधिवत विराजमान कराया गया। इसके बाद अखंड पाठ, शबद कीर्तन, अरदास और हुक्मनामा लिया गया। कपाट खुलने के पहले दिन श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण के लिए विशेष अरदास भी आयोजित की गई। बताया गया कि शुक्रवार 22 मई को गुरुद्वारे से पंच प्यारों की अगुवाई में पहला जत्था बैंड-बाजों और पवित्र निशान साहिब के साथ रवाना हुआ था। श्रद्धालुओं ने रात्रि विश्राम घांघरिया गुरुद्वारे में किया। शनिवार सुबह श्रद्धालुओं का जत्था कठिन चढ़ाई पार कर श्री हेमकुंड साहिब पहुंचा और कपाट खुलने के शुभ अवसर का साक्षी बना।