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खूंटी में महिला थाना प्रभारी 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार: केस से नाम हटाने के लिए मांगी थी 4.5 लाख की घूस,एसीबी का बड़ा एक्शन

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 30, 2026 10:07 AM
Female Station House Officer (SHO) arrested in Khunti while accepting a ₹50,000 bribe; she had demanded ₹4.5 lakh to drop a name from a case—major action by the ACB.

खूंटी। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने खूंटी जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) सह महिला थाना प्रभारी सपना सुलेखा को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता का नाम हटाने के बदले कुल 4.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। एसीबी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, खूंटी निवासी श्याम कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एएचटीयू थाना में दर्ज मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी से जुड़े एक मामले में उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि केस से उनका नाम हटाने के एवज में महिला थाना प्रभारी सपना सुलेखा ने 4.50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई। सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेकर थाना प्रभारी के पास भेजा गया। जैसे ही सपना सुलेखा ने रुपये स्वीकार किए, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की ट्रैप टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए एसीबी की टीम अपने साथ ले गई। एसीबी ने आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल होगी। यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि खूंटी जिले में रिश्वत लेते पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एसीबी कई पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई कर चुकी है। वर्ष 2021 में तत्कालीन महिला थाना प्रभारी मीरा सिंह रिश्वत लेते गिरफ्तार हुई थीं। इसके बाद तपकारा थाना के तत्कालीन प्रभारी विक्की ठाकुर पर भी एसीबी ने कार्रवाई की थी। वहीं, 9 जनवरी 2024 को खूंटी थाना में पदस्थापित दारोगा श्रीकांत भी रिश्वत लेते हुए एसीबी के हत्थे चढ़े थे। अब सपना सुलेखा खूंटी जिले की चौथी पुलिस पदाधिकारी हैं, जिन्हें रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी ने गिरफ्तार किया है। इससे पहले वह रांची के कोतवाली और अरगोड़ा थाना में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, एसीबी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। एजेंसी ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।


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