आर्थिक तंगी नहीं बनेगी इलाज में बाधा: गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों का मुफ्त इलाज करेगी सरकार, दून डीएम का बड़ा एक्शन प्लान
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बेहद भावुक और बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है, जिनके बच्चे किसी गंभीर या जन्मजात बीमारी से पीड़ित हैं। देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एक मानवीय और संवेदनशील पहल करते हुए जनपद में गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों के चिह्नीकरण और उनके निशुल्क उपचार की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जनपद में कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी या धन के अभाव के कारण उचित इलाज से महरूम नहीं रहना चाहिए।
इस पुनीत कार्य को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरे देहरादून जनपद में एक विशेष खोजी अभियान लाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इसके लिए दो अलग-अलग स्तरों पर विभागों को जिम्मेदारी सौंपते हुए समय सीमा तय कर दी है। 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे: जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास विभाग) को निर्देश दिए हैं कि वे आंगनबाड़ी और स्थानीय स्तर पर मुस्तैदी दिखाते हुए 6 वर्ष तक की आयु के उन बच्चों की सूची तैयार करें, जो जन्म से ही या किसी अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। 6 से 18 वर्ष तक के बच्चे व किशोर: मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के माध्यम से 6 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों एवं किशोरों के स्वास्थ्य की निगरानी कर बीमार बच्चों को चिह्नित करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ऐसे लाचार माता-पिता की मदद करना है, जो भारी-भरकम चिकित्सकीय खर्च उठाने में असमर्थ हैं। इस अभियान के तहत जैसे ही किसी पीड़ित बच्चे की पहचान होगी, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से उसकी बीमारी के इलाज का पूरा खाका तैयार किया जाएगा और उसे बड़े अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. आशीष चौहान ने विभागीय अधिकारियों और प्रभारियों को हिदायत दी है कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं से भी अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई ऐसा जरूरतमंद बच्चा दिखे, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि समय पर मासूम को नया जीवन मिल सके।