उत्तराखंड में थमा जनगणना का पहला चरण: 99% काम पूरा, आबादी में 26 फ़ीसदी उछाल की संभावना
देहरादून। उत्तराखंड में महागणना को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में पहले चरण के तहत चल रहे मकान गणना (हाउस लिस्टिंग) का 99.1 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस शुरुआती चरण के दौरान ही यह संकेत मिल रहे हैं कि देवभूमि की आबादी में इस बार बड़ा उछाल आने वाला है। आंकड़ों के मुताबिक, जनगणना टीमों ने अब तक राज्य के करीब 1.26 करोड़ लोगों के मकानों तक अपनी सीधी पहुंच बना ली है। आज 24 मई को इस पहले चरण की समयसीमा समाप्त हो रही है, और उम्मीद है कि देर रात तक बचे हुए हिस्सों का काम भी शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार,उत्तराखंड के 9 जिलों में मकान गणना का काम 100 फीसदी पूरा हो चुका है। हालांकि, कुछ बड़े मैदानी जिलों और शहरी क्षेत्रों में थोड़ा काम शेष रह गया था, जिसे आज अंतिम रूप दिया जा रहा है। साल 2011 की जनगणना के पहले चरण (मकान गणना) के दौरान टीमों की पहुंच महज 1 करोड़ 86 हजार लोगों तक ही हो पाई थी। वहीं, इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 26 लाख के पार पहुंच चुका है। इसी आधार पर विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे हैं कि पिछले दशक के मुकाबले इस बार उत्तराखंड की कुल आबादी में 26 प्रतिशत या उससे अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल मकानों और वहां रहने वाले संभावित लोगों की गणना का आंकड़ा है। उत्तराखंड की वास्तविक और प्रामाणिक आबादी कितनी बढ़ी है, इसका सटीक पता अगले साल होने वाली मुख्य जनगणना के बाद ही चलेगा। पहले चरण की इस सफलता के बाद राज्य सरकार और सांख्यिकी विभाग अब अगले साल फरवरी में होने वाले मुख्य चरण की तैयारियों में जुट गया है, जिसके बाद उत्तराखंड की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) की बिल्कुल नई और साफ तस्वीर देश के सामने होगी।