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जंगल भी सुरक्षित, महिलाएं भी आत्मनिर्भर! रुद्रप्रयाग में शुरू हुआ पिरूल अभियान

editor
  • Awaaz Desk
  • May 23, 2026 09:05 AM
Forests are safe, women are self-reliant! The Pirul campaign begins in Rudraprayag.

रुद्रप्रयाग। वनाग्नि रोकथाम के साथ-साथ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। जिले में पिरूल एकत्रीकरण एवं मूल्य संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसके जरिए जंगलों को आग से बचाने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी भी मजबूत की जाएगी। विकासखंड जखोली की ग्राम पंचायत दरमोला में आयोजित कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन और मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा एकत्र किए गए पिरूल से भरे वाहन को सोनप्रयाग के लिए रवाना किया। प्रशासन का कहना है कि पिरूल एकत्रीकरण अभियान वनाग्नि रोकथाम में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही महिलाओं को रोजगार और अतिरिक्त आय का साधन भी उपलब्ध कराएगा। जिलाधिकारी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत महिलाओं को 12 रुपये प्रति किलो पिरूल के हिसाब से भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार महिलाओं द्वारा एकत्र किए गए पिरूल का उपयोग सोनप्रयाग स्थित HI-Feed यूनिट में ईंधन और औद्योगिक उपयोग के लिए किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की डिजिटल मॉनिटरिंग भी की जा रही है। जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार ने बताया कि जिले के 13 आजीविका संघों से जुड़ी 114 महिलाएं इस अभियान में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। अब तक 434 कुंतल पिरूल एकत्र किया जा चुका है, जबकि अगले महीने एक हजार कुंतल पिरूल संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं का कहना है कि इस पहल से उन्हें रोजगार और आय का नया जरिया मिला है, वहीं जंगलों को आग से बचाने में भी मदद मिल रही है।
 


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