उत्तराखंड में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक बार फिर से ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन! दिल्ली में सीएम धामी का रोड शो
उत्तराखंड में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक बार फिर से ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आगामी 9 और 10 दिसंबर को होगा। इसी को लेकर आज मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने दिल्ली में रोड शो किया। इस दौरान सीएम धामी ने उद्यमियों से आपसी संवाद किया और उनके विचार सुने। साथ ही उनकी ओर से दिए सुझावों पर अमल करने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में एक साल के भीतर 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में पीएम मोदी के विजन को साकार करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में G 20 समिट का आयोजन हुआ। जिसमें वैश्विक नेताओं को देश के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और गतिशील अर्थव्यवस्था से रूबरू कराने में मदद मिली। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड को भी G 20 की तीन बैठकें आयोजित करने का अवसर मिला। G 20 के सफल आयोजन से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन की प्रेरणा मिली। वाइब्रेंट गुजरात की तर्ज पर उत्तराखंड में ऐसी ही शुरुआत की गई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से औद्योगिक पैकेज स्वीकार किए जाने से उत्तराखंड में औद्योगिक वातावरण के सृजन में मदद मिली है।
साल 2014 से पहले के कुछ सालों में इसमें कुछ व्यवधान रहा लेकिन साल 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। अभी 1.50 लाख करोड़ की विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड विश्वस्तरीय पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बन रहा है. अब तक 44 लाख लोग चारधाम यात्रा पर आ चुके हैं। कांवड़ यात्रा में इस साल 4.15 करोड़ शिवभक्त आए जबकि बीते साल यह संख्या 3.75 करोड़ रही. पर्यटन सीजन में प्रदेश के सभी होटल, होम स्टे आदि बुकिंग फुल रही. यह पर्यटन के लिहाज से शुभ संकेत हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराना है। इसके लिए सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रोजगार ही नहीं बल्कि, उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को विकसित करने में भी औद्योगिक निवेश जरूरी है। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उत्तराखंड में 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' आयोजित कराने का निर्णय लिया गया है। जिस तरह से लंदन एवं बर्मिंघम के रोड शो के दौरान 400 से ज्यादा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से करीब 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, उससे ये साबित होता है कि देश ही नहीं बल्कि, विदेशों से भी उद्यमी उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं। उत्तराखंड विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल होने के साथ खाद्य प्रसंस्करण, ऑटो कम्पोनेंट विनिर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए औद्योगिक जगत की एक पसंदीदा जगह भी है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस आदि के अनुमोदनों के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' की व्यवस्था में सुधार किया गया है। सरकार ने फोकस सेक्टरों की पहचान की है जिनमें पारंपरिक क्षेत्रों जैसे पर्यटन, आयुष, वेलनेस, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, फार्मा के साथ वैकल्पिक ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन फोकस सेक्टर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भूमि और आधारभूत संरचनाओं की पहचान की है। जिसके अंतर्गत उत्तराखंड में 6 हजार एकड़ से ज्यादा के एक विशिष्ट लैंड बैंक की स्थापना की गई है. इन सेक्टर्स में निवेश योग्य परियोजना प्रस्ताव भी साथ में तैयार किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निवेशकों के पास उत्तराखंड में विभिन्न निवेश अवसरों का आकलन करने के लिए एक विशिष्ट रेफरेंस उपलब्ध मिल सके। सीएम धामी ने कहा कि सरकार ने मजबूत नीतिगत ढांचे में निवेशक हितैषी नीतियां बनाने के लिए बीते 4 महीने में 27 से ज्यादा नीतियों को बनाया है। साथ ही नवीनीकृत करने का काम किया है. जिनमें पर्यटन नीति 2023, डैडम नीति 2023, स्टार्टअप नीति 2023, लॉजिस्टिक्स नीति 2023 आदि शामिल हैं। वहीं मुख्यमंत्री सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने देशभर के उद्यमियों को उत्तराखंड में निवेश के लिए आमंत्रित किया।