अलविदा जादूगरः नहीं रहे महान जादूगर ओपी शर्मा! और दुनिया के रंगमंच से गुम हो गया ओपी का जादू, कानपुर से निकल बनाई थी अपनी मायानगरी
लखनऊ। मशहूर जादूगर ओपी शर्मा का शनिवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने 71 साल की उम्र में कानपुर के फार्च्यून अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह कोरोना संक्रमित थे और डायलिसिस पर चल रहे थे। बता दें कि ओपी शर्मा ने अपनी जादू की कला से देश-विदेश में बड़ा नाम कमाया। उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर में शोक की लहर दौड़ गई। रंगमंच और इंद्रजाल की दुनिया का हर शख्स गमगीन हो गया।
उन्होंने राजनीति में भी किस्मत आजमाई, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। उनका कहना था कि जिसकी शुरुआत होती है उसका अंत भी होता है। ये प्रकृति का नियम है। वह कहते थे मैं रहूं या न रहूं जादू चलता रहेगा। ओपी शर्मा मूल रूप से बलिया के रहने वाले थे। उन्होंने कानपुर में अपने घर नाम भूत बंगला रखा था। ओपी शर्मा ने अपनी अलग ही जादूई दुनिया बनाई थी। 34 हजार से अधिक शो उन्होंने अपने पूरे जीवन में किए। इन शो के जरिए वे हर वर्ग को अपना मुरीद बनाते थे। क्या बच्चे, क्या युवा, बुजुर्ग भी उनके फैन थे। उनका जादूई गेटअप भी लोगों को खासा आकर्षित करता था। ओपी शर्मा कानपुर के मायानगरी एरिया के बादशाह बर्रा-2 इलाके में रहते थे। पिछले दिनों किडनी की बीमारी के कारण बीमार थे। शनिवार देर रात उनका निधन हो गया। पिछले करीब एक सप्ताह से उनका इलाज कल्याणपुर के नर्सिंग होम में चल रहा था।
बलिया में हुआ था जन्म, कानपुर से चमके
ओपी शर्मा का जन्म 1 अप्रैल 1952 को बलिया में हुआ था। हालांकि, वे कानपुर से चमके। वर्ष 1971 में स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री में डिजाइनर के पद पर उन्हें नौकरी लगी। वे कानपुर आए। फिर यहीं के होकर रह गए। कानपुर के शास्त्रीनगर कॉलोनी में सबसे पहले उन्होंने अपना ठिकाना बनाया। इसके बाद बर्रा-2 में अपना घर बनवाया। इसको लोग भूत बंगला के नाम से भी जानते हैं। बेटे पंकज शर्मा कहता हैं कि देश-विदेश में उनका 34 हजार से अधिक शो हुआ था। मुंबई में उन्होंने अपना पहला कॉमर्शियल शो किया था। वर्ष 2001 में इंडियन मैजिक मीडिया सर्कल ने उन्हें नेशनल मैजिक अवार्ड और शहंशाह ए जादू की उपाधि दी थी। उनके शो का सबसे चर्चित रगबिरंगा इंद्रजाल होता था।