अलविदा वाणीः पद्म भूषण से सम्मानित गायिका वाणी जयराम का निधन! 78 साल की उम्र ली आखिरी सांस
नई दिल्ली। पद्म भूषण से सम्मानित मशहूर सिंगर वाणी जयराम का 78 साल की उम्र में निधन हो गया। खबरों की मानें तो काफी समय पहले उनके सिर में चोट लगी थी, जिसकी वजह से वे बीमार रहती थीं। शनिवार सुबह वे चेन्नई स्थित अपने घर में मृत पाई गईं। अभी तक उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। वाणी जयराम साउथ की फेमस प्लेबैक थीं। 1945 में तमिलनाडु के वैल्लोर में जन्मी वाणी का असली नाम कलैवानी था। वाणी ने अपने करियर में तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, उर्दू समेत 19 भाषाओं में 10 हजार से ज्यादा गाने गाए। बता दें कि कुछ समय पहले ही वाणी ने अपने करियर के 50 साल पूरे किए थे। वाणी ने बॉलीवुड को भी कई बेहतरीन गाने दिए हैं। साल 1980 में वाणी को मीरा फिल्म के, मेरे तो गिरधर गोपाल... गाने के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। गुड्डी फिल्म में उनका गाया बोले रे पपीहरा... गीत भी काफी मशहूर हुआ। इसके अलावा साल 1991 में उन्हें संगीत पीठ सम्मान से भी नवाजा, वाणी ये सम्मान पाने वाली सबसे कम उम्र की सिंगर थीं। तब उनकी उम्र 46 साल थी। वाणी ने एमएस इलैयाराजा, आरडी बर्मन, केवी महादेवन, ओपी नैय्यर और मदन मोहन जैसे दिग्गज कंपोजर के साथ काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म स्वपनम से की थी। 25 जनवरी को, भारत सरकार ने वाणी जयराम को तीसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया। दिग्गज गायक को बधाई देने के लिए प्रशंसकों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। 4 फरवरी को वाणी जयराम चेन्नई के नुंगमबक्कम में अपने घर में मृत पाई गई थीं। उसकी मौत का कारण अभी भी अज्ञात है। उनके पति जयराम ने 2018 में आखिरी सांस ली थी।