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ट्रैफिक चालान पर सरकार की बड़ी सख्तीः बिना 50 प्रतिशत रकम जमा किए नहीं जा सकेंगे कोर्ट, पांच बार नियम तोड़ने वालों पर लाइसेंस रद्द और सरकारी सेवाओं पर भी लग सकती है रोक

editor
  • Awaaz Desk
  • June 29, 2026 07:06 AM
Government gets tough on traffic challans: Court appeals barred unless 50% of the fine is deposited; repeat offenders (five violations) face license cancellation and potential restrictions on government services.

नई दिल्ली। अगर आप भी ट्रैफिक पुलिस द्वारा काटे गए चालान को नजरअंदाज कर देते हैं या यह सोचकर महीनों तक उसका भुगतान नहीं करते कि बाद में लोक अदालत में जाकर कम जुर्माने में मामला निपटा लेंगे, तो अब सावधान हो जाइए। केंद्र सरकार ट्रैफिक चालान व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नए नियमों के तहत अब चालान को अदालत में चुनौती देना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। सरकार की नई योजना के मुताबिक, यदि कोई वाहन चालक ट्रैफिक चालान के खिलाफ कोर्ट में अपील करना चाहता है, तो उसे पहले चालान की कुल राशि का 50 प्रतिशत एडवांस जमा करना होगा। यानी अब बिना भुगतान किए सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाने की सुविधा समाप्त हो सकती है। इस कदम का उद्देश्य न्यायालयों और लोक अदालतों में लंबित पड़े लाखों ट्रैफिक चालान मामलों का बोझ कम करना और समय पर चालान भुगतान सुनिश्चित करना है।

कोर्ट में चुनौती देने से पहले जमा करनी होगी आधी रकम
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, यदि किसी वाहन चालक को लगता है कि उसका चालान गलत तरीके से काटा गया है, तो वह पहले डिजिटल ग्रीवेंस पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। यदि शिकायत खारिज हो जाती है और चालक अदालत में अपील करना चाहता है, तो उसे चालान राशि का 50 प्रतिशत पहले जमा करना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे केवल वही लोग अदालत जाएंगे, जिन्हें वास्तव में अपने चालान पर आपत्ति होगी। साथ ही बेवजह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग भी कम होगा।

लाखों लंबित चालानों से परेशान है सिस्टम
देशभर में हर साल बड़ी संख्या में ई-चालान जारी किए जाते हैं, लेकिन इनमें से लाखों मामलों में लोग महीनों या वर्षों तक जुर्माना नहीं भरते। कई वाहन चालक जानबूझकर लोक अदालतों का इंतजार करते हैं, जहां अक्सर जुर्माने में राहत मिलने की उम्मीद रहती है। सरकार का मानना है कि इस प्रवृत्ति के कारण न्यायालयों और प्रशासनिक व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसी समस्या से निपटने के लिए नई ट्रैफिक चालान नीति तैयार की जा रही है।

बार-बार नियम तोड़े तो लाइसेंस पर भी गिरेगी गाज
नई व्यवस्था केवल चालान भुगतान तक सीमित नहीं होगी। लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति एक वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे ‘सीरियस ऑफेंडर’ की श्रेणी में रखा जा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस लंबे समय के लिए निलंबित किया जा सकता है या गंभीर परिस्थितियों में उसे निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।


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