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NEET-UG री-टेस्ट को लेकर सरकार अलर्ट मोड मेंः पेपर लीक विवाद के बाद प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए वायुसेना के इस्तेमाल पर मंथन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक

editor
  • Awaaz Desk
  • May 29, 2026 07:05 AM
Government on alert for NEET-UG re-test: Defence Minister Rajnath Singh chairs high-level meeting to discuss using Air Force to deliver question papers following paper leak controversy

नई दिल्ली। नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार अब 21 जून को प्रस्तावित री-टेस्ट को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों के इस्तेमाल पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर दिल्ली में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत शिक्षा मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि 21 जून को होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से देशभर के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली जाए या नहीं। माना जा रहा है कि यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो पहली बार किसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षा के पेपर ट्रांसपोर्टेशन में वायुसेना की सीधी भूमिका देखने को मिल सकती है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री स्वयं इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं और परीक्षा की तैयारियों से जुड़े हर अपडेट पर सीधी नजर बनाए हुए हैं। बैठक में केवल प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन पर ही नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को मजबूत और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसकी छपाई, सुरक्षा, स्टोरेज और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की। गौरतलब है कि एनटीए द्वारा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर नीट-यूजी परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा के चार दिन बाद यानी 7 मई की शाम को एनटीए को कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक से जुड़े इनपुट मिले। इसके बाद 8 मई को एजेंसी ने मामले को स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया। लगातार बढ़ते विवाद और पेपर लीक के आरोपों के बीच 12 मई को एनटीए ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और 21 जून को री-एग्जाम कराने की घोषणा की।

सीबीआई की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अब तक 13 गिरफ्तार

इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था। जांच एजेंसी ने देशभर में विशेष टीमें गठित कर कई राज्यों में छापेमारी की। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्या नगर समेत कई शहरों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई ने दावा किया है कि जांच के दौरान पेपर लीक के असली स्रोत का पता लगा लिया गया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। फिलहाल देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक अब 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को लेकर चिंतित हैं। पेपर लीक विवाद के कारण छात्रों में असमंजस और मानसिक दबाव का माहौल बना हुआ है। ऐसे में सरकार और एनटीए के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा की विश्वसनीयता को दोबारा स्थापित करना है।


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