हरिद्वार के हरि सेवा आश्रम में संतों का महासमागम: सीएम धामी और बाबा रामदेव ने किया शुभारंभ
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार के प्रसिद्ध हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के भव्य समापन अवसर पर एक विशाल ‘संत सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस महासमागम में देश के प्रख्यात संतों, आध्यात्मिक गुरुओं और दिग्गज राजनेताओं का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु स्वामी रामदेव और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पूरा आश्रम परिसर जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा।
संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां के संत समाज का आशीर्वाद ही राज्य के विकास की असली ऊर्जा है। सम्मेलन के दौरान उपस्थित मनीषियों और राजनेताओं ने देश में धर्म, संस्कृति और सनातन आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन पर गहरा विचार-विमर्श किया। योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में संतों और अध्यात्म का योगदान हमेशा से सर्वोपरि रहा है। इस भव्य कार्यक्रम में राजनीति और अध्यात्म जगत की कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। मंच पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, निरंजनी पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय समेत कई मंत्री, विधायक और शीर्ष संत मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने हरि सेवा आश्रम की इस धार्मिक पहल की सराहना की। श्रीमद् भागवत कथा की पूर्णाहुति और संत सम्मेलन के इस पावन अवसर पर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे थे। संतों के दर्शन और उनके प्रवचनों को सुनने के लिए पंडाल में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। महासमागम के अंत में विश्व कल्याण की कामना के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रशासन की ओर से भी इस हाई-प्रोफाइल आयोजन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।