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हल्द्वानी:नवजात के पीलिया उपचार में अलग अलग जांच रिपोर्ट के कारण नवजात को आवश्यकता से ज्यादा समय तक फोटोथेरपी में रखने का आरोप! मुख्य चिकित्साधिकारी से की परिजनों ने शिकायत

editor
  • Kanchan Verma
  • October 07, 2026 09:10 AM
Haldwani: Due to differing test reports, a newborn was kept in phototherapy for longer than necessary for jaundice treatment. Family members complained to the Chief Medical Officer.

नैनीताल/हल्द्वानी। हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती नवजात शिशु के पीलिया के उपचार के दौरान अलग-अलग डायग्नोस्टिक सेंटरों की रिपोर्ट में अंतर सामने आने का मामला सामने आया है।

 

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल को शिकायत देकर जांच की मांग की गई है। 

 

शिकायत के अनुसार, नवजात का जन्म 24 सितंबर 2026 को जगदंबा अस्पताल, हल्द्वानी में हुआ था। पीलिया से पीड़ित होने के बाद उसे उपचार के लिए 4 अक्टूबर को वात्सल्य हॉस्पिटल, हल्द्वानी में भर्ती कराया गया। 3 अक्टूबर की रिपोर्ट के आधार पर बच्चे का पीलिया स्तर 13.90 बताया गया, जिसके बाद फोटोथेरेपी शुरू की गई। 

 

 

अस्पताल द्वारा 5 अक्टूबर को लिए गए रक्त के नमूने को चन्दन डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा गया, जहां रिपोर्ट में पीलिया का स्तर 15.40 पाया गया। इसके आधार पर डॉक्टर ने बच्चे को 24 घंटे और फोटोथेरेपी में रखने का निर्णय लिया।

अगले दिन दोबारा जांच कराई गई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार अलग-अलग माध्यमों से चन्दन डायग्नोस्टिक लैब की रिपोर्ट गलत होने की जानकारी मिलने पर एक ही समय में नमूना चन्दन डायग्नोस्टिक सेंटर और ओम मीनाक्षी डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा गया। 

दोनों रिपोर्टों में अंतर सामने आया। चन्दन डायग्नोस्टिक सेंटर की रिपोर्ट में पीलिया का स्तर 14.00, जबकि ओम मीनाक्षी डायग्नोस्टिक सेंटर की रिपोर्ट में यह 9.80 बताया गया। शिकायत में कहा गया है कि इस अंतर के कारण बच्चे को आवश्यकता से अधिक समय तक फोटोथेरेपी में रखने की स्थिति बन सकती थी। 

शिकायतकर्ता ने चन्दन डायग्नोस्टिक सेंटर से अन्य लैब में जांच के लिए नमूना मांगा, लेकिन नमूना उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद हीरानगर पुलिस चौकी से फोन कर आगे की कार्रवाई के लिए नमूना सुरक्षित रखने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दोनों नमूनों की पुनः जांच करवाकर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। 

 

 

डिस्क्लेमर: यह खबर शिकायत में दिए गए आरोपों और रिपोर्टों पर आधारित है। दस्तावेज में संबंधित पक्ष का स्वतंत्र स्पष्टीकरण फिलहाल मौजूद नहीं है।


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