हल्द्वानी फ्लाईओवर विवाद: तीनपानी बाईपास पर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से ग्रामीणों में रोष, हाईकोर्ट ने रेलवे से मांगा जवाब
नैनीताल। हल्द्वानी के तीनपानी बाईपास पर बन रहे फ्लाईओवर ने क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की राह मुश्किल कर दी है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने और अंडरपास का निर्माण न होने से उपजे संकट पर अब उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए रेलवे को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अप्रैल की तिथि तय की है।
गोजाजाली निवासी पूर्व ग्राम प्रधान सुरेश चंद्र जोशी द्वारा दायर इस जनहित याचिका में ग्रामीणों की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। याचिका के अनुसार, फ्लाईओवर निर्माण के चलते रेलवे क्रॉसिंग लिंक मार्ग को बंद कर दिया गया है। इससे गोजाजाली दक्षिण और हथियाल ग्राम सभा के निवासियों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। सबसे बड़ी समस्या किसानों के सामने है, जो अब अपने खेतों की सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं।मार्ग बंद होने का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों को बाजार जाने या अस्पताल पहुँचने के लिए अब कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। याचिका में एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, रेलवे ने 11 दिसंबर 2023 को ही इस स्थान पर अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए टेंडर स्वीकृत कर लिए थे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद धरातल पर आज तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। याचिका में मांग की गई है कि जब तक अंडरपास नहीं बनता, तब तक पुरानी व्यवस्था के तहत आवागमन बहाल किया जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे को अपना पक्ष रखने का समय दिया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद रेलवे अपनी सुस्ती त्यागेगा और रुके हुए अंडरपास का निर्माण जल्द शुरू होगा।