हल्द्वानी:देश सेवा के बाद इलाज के लिए इंतज़ार!दो वर्ष पहले मिली स्वीकृति,फिर भी हल्द्वानी /नैनीताल में नहीं खुला वेलनेस सेंटर, अर्धसैनिकों ने सरकार से मांगा जवाब
हल्द्वानी। सेवानिवृत्त एवं सेवारत अर्धसैनिक (CAPF) परिवार कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा समिति की जिला नैनीताल इकाई की तिमाही बैठक शनिवार को नगर निगम सभागार, हल्द्वानी में आयोजित हुई। बैठक में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए सीजीएचएस वेलनेस सेंटर के अब तक शुरू न होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।

समिति के अध्यक्ष वी.डी. उपाध्याय ने बताया कि हल्द्वानी और नैनीताल में सीजीएचएस वेलनेस सेंटर खोलने के लिए लगभग दो वर्ष पूर्व भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने पांडे निवाड़, हल्द्वानी में भवन का चयन भी कर लिया था, लेकिन आज तक भवन के रखरखाव और आवश्यक व्यवस्थाओं का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित केंद्र में दो चिकित्सकों सहित 11 पैरामेडिकल कर्मचारियों की तैनाती की जानी थी, लेकिन नियुक्तियां न होने के कारण सेवानिवृत्त अर्धसैनिक कर्मियों, केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। समिति ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि वर्षों तक देश सेवा करने वाले कर्मियों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
समिति के अनुसार इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजा गया है, जिसकी प्रतिलिपि सीजीएचएस निदेशक नई दिल्ली, मुख्य सचिव उत्तराखंड, जिलाधिकारी नैनीताल तथा सहायक निदेशक सीजीएचएस देहरादून को भी प्रेषित की गई थी। बावजूद इसके अब तक किसी स्तर से संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि आरटीआई के माध्यम से सीजीएचएस देहरादून से प्रगति रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। पुनः भेजी गई आरटीआई का भी अभी तक निस्तारण नहीं हो पाया है। समिति ने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए कहा कि संबंधित विभागों की सुस्ती के कारण सेवानिवृत्त अर्धसैनिकों और वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य हित प्रभावित हो रहे हैं।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सीजीएचएस वेलनेस सेंटर को शुरू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कुमाऊं मंडल के सेवानिवृत्त अर्धसैनिक और केंद्रीय कर्मचारी क्रमिक अनशन एवं व्यापक जनआंदोलन शुरू करने का निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में डी.एस. नेगी (कमांडेंट), उमेश चंद्र पाठक, ए.एस. लटवाल, लोकमणि जोशी, डी.सी. कांडपाल, के.सी. पंत सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।