दीपावली पर पर्यटकों की पहली पसंद बनी नैनीताल की हैंडमेड कैंडिल, विदेशों तक गूंज रहा स्थानीय कारीगरों का हुनर
नैनीताल। रोशनी और उत्साह का पर्व दीपावली जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे उत्तराखंड की खूबसूरत सरोवर नगरी नैनीताल की वादियां और बाजार दीयों की चमक के साथ-साथ रंग-बिरंगी मोमबत्तियों की अद्भुत छटा से जगमगाने लगे हैं। इस त्योहारी सीजन में नैनीताल की पारंपरिक और हस्तनिर्मित (हैंडमेड) कैंडिल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं। स्थानीय कारीगरों के हाथों का हुनर और उनकी मेहनत इन दिनों बाजार में साफ नजर आ रही है, जो पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही है।
दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही सरोवर नगरी नैनीताल के बाजार रोशनी और रंगों की खूबसूरती से जगमगाने लगे हैं। त्योहार की तैयारियों के बीच इस बार बाजार में स्थानीय कारीगरों के हाथों से तैयार की गई आकर्षक हैंडमेड कैंडिल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। अपनी अनूठी बनावट, खूबसूरत रंगों और मनमोहक डिजाइन के चलते ये मोमबत्तियां पर्यटकों की पहली पसंद बन रही हैं। फ्लोटिंग, अरोमा, टेडी, आइसक्रीम और बॉल कैंडिल के साथ ही विभिन्न प्रकार की डिजाइनर कैंडिल की बाजार में खूब मांग दिखाई दे रही है। दीपावली पर घरों को रोशन करने और सजावट को खास बनाने के लिए लोग पारंपरिक मोमबत्तियों के बजाय आकर्षक डिजाइन वाली हस्तनिर्मित कैंडिल खरीदने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। नैनीताल घूमने पहुंच रहे पर्यटक भी इन कैंडिल को अपने घरों की सजावट के लिए खरीद रहे हैं। इतना ही नहीं, खूबसूरत पैकिंग और आकर्षक स्वरूप के कारण इन्हें दोस्तों और रिश्तेदारों को उपहार देने के लिए भी पसंद किया जा रहा है। पर्यटक इन हस्तनिर्मित कैंडिल को नैनीताल की खूबसूरत यादों के रूप में अपने साथ लेकर जा रहे हैं। नैनीताल की हैंडमेड कैंडिल की खासियत सिर्फ इनके आकर्षक डिजाइन तक सीमित नहीं है। स्थानीय कारीगरों की मेहनत, हुनर और रचनात्मकता इन्हें बाजार में उपलब्ध मशीनों से तैयार होने वाली मोमबत्तियों से अलग पहचान दिलाती है। कारोबारियों के मुताबिक, हस्तनिर्मित कैंडिल अपनी विशेष बनावट के कारण लंबे समय तक अपना स्वरूप बनाए रखती हैं। इन्हें तैयार करने में कारीगर छोटी-छोटी बारीकियों का विशेष ध्यान रखते हैं, जिससे प्रत्येक कैंडिल अपने आप में अलग और खास दिखाई देती है। कारीगरों का कहना है कि कैंडिल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। उनका दावा है कि इन्हें तैयार करने में हानिकारक मोम और रंगों का प्रयोग नहीं किया जाता। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर तैयार इन कैंडिल के प्रति ग्राहकों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। इनकी मांग केवल नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में भी इनकी पहचान बनी हुई है। दीपावली के अवसर पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही और खरीदारी से स्थानीय कैंडिल कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि त्योहार के दौरान बिक्री में अच्छा इजाफा होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा हस्तशिल्प कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। नैनीताल की हैंडमेड कैंडिल इस दीपावली सिर्फ घरों को रोशन करने का माध्यम नहीं, बल्कि पहाड़ के स्थानीय कारीगरों के हुनर, मेहनत और रचनात्मकता की पहचान भी बन रही हैं। रंगों और खूबसूरत डिजाइनों से सजी ये कैंडिल पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प को नई पहचान दिला रही हैं।