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अपनों के खून से रंगे थे हाथ, अब जेल में थम गईं सांसें; भाई के हत्यारोपी बंदी की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 03, 2026 12:07 PM
Hands stained with the blood of kin, now breath stilled in prison; stir caused by the suspicious death of an inmate accused of murdering his brother.

मुंगेर। बिहार के मुंगेर मंडल कारा से शुक्रवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। अपने ही सगे भाई की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में बंद 21 वर्षीय बंदी की जेल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बंदी ने जेल की छत से छलांग लगा दी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। हालांकि, घटना के पीछे की असली वजह क्या है, यह अब भी जांच का विषय बनी हुई है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

मृतक की पहचान हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के मधुवन दरियापुर गांव निवासी कपिलदेव बिंद के 21 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है। मंडल कारा अधीक्षक किरण निधि ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार सुबह जेल परिसर के भीतर मनीष ने कथित रूप से छत से छलांग लगा दी। घटना के तुरंत बाद जेल कर्मियों ने उसे गंभीर हालत में मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, सदर डीएसपी समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतक के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। बताया जाता है कि मनीष कुमार पर अपने सगे भाई नीतीश कुमार की निर्मम हत्या का आरोप था। पुलिस के अनुसार 18 मई की रात उसने घर में सो रहे भाई के सिर पर हथौड़े से कई वार कर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली थी। इसके बाद 20 मई को उसे न्यायिक हिरासत में मुंगेर मंडल कारा भेज दिया गया था, जहां वह पिछले 43 दिनों से बंद था। शुक्रवार सुबह हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक न्यायिक हिरासत में बंद कैदी जेल की छत तक कैसे पहुंचा? क्या उसने वास्तव में आत्महत्या की या फिर इसके पीछे कोई और वजह है? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस और जेल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जेल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घटना को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। जेल परिसर में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से पूछताछ और अन्य परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि प्रारंभिक दावा सही साबित होता है तो यह जांच का विषय होगा कि एक बंदी को ऐसी परिस्थिति कैसे मिली, जहां वह अपनी जान देने जैसा कदम उठा सका। वहीं, यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य तथा अन्य जांच के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह का खुलासा किया जाएगा। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी।


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