कांवड़ मेले के लिए हरिद्वार पूरी तरह तैयार: 30 जुलाई से 11 अगस्त तक स्कूल बंद, पहली बार साइबर कमांडो करेंगे 24 घंटे निगरानी
हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए पहली बार साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे, जो सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखेंगे। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए 30 जुलाई से 11 अगस्त तक जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
सोमवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इस बार लाखों शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कानून-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मेले के लिए सभी विभागों की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक सेक्टर में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी और जहां भी किसी प्रकार की कमी मिलेगी, उसे तत्काल दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 30 जुलाई से 11 अगस्त तक स्कूलों में अवकाश रहेगा। हालांकि, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सभी विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और सभी होटल, ढाबों तथा दुकानों पर मूल्य सूची (रेट लिस्ट) प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि मानसून, राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे निर्माण कार्य और कुंभ-2027 की तैयारियों जैसी चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस बार कांवड़ मेले में पहली बार साइबर कमांडो की तैनाती की जा रही है। यह विशेष टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे निगरानी रखेगी। यदि कोई व्यक्ति फर्जी, भ्रामक या एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार किए गए वीडियो या अफवाहें फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा के सामान्य यातायात से अलग रखा जाएगा, जिससे आवागमन प्रभावित न हो। वहीं, डीजे वाहनों के संचालन के लिए जारी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, ड्रोन कैमरों और आधुनिक तकनीक की मदद से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। आधुनिक तकनीक, कड़ी सुरक्षा और समन्वित व्यवस्थाओं के साथ इस बार का कांवड़ मेला पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।