• Home
  • News
  • Haridwar's biggest crackdown to date: 5,000 kg of banned plastic seized from a residential warehouse; ₹1 lakh fine imposed.

हरिद्वार में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: घर के गोदाम से 5000 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, ₹1 लाख का चालान

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 14, 2026 02:07 PM
Haridwar's biggest crackdown to date: 5,000 kg of banned plastic seized from a residential warehouse; ₹1 lakh fine imposed.

हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम, तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने खड़खड़ी स्थित बैरागी धर्मशाला के सामने नानक चंद नामक व्यक्ति के आवास पर बने एक गुप्त गोदाम में तड़के छापेमारी की। इस दौरान टीम के भी होश उड़ गए जब गोदाम से भारी मात्रा में छुपाकर रखी गई 5,000 किलोग्राम (5 टन) प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक बरामद हुई। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया और आरोपी मकान मालिक पर मौके पर ही 1,00,000 रुपये (एक लाख) का भारी-भरकम चालान ठोक दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध प्लास्टिक माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, नगर निगम प्रशासन को लंबे समय से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि हर की पैड़ी, विभिन्न गंगा घाटों और आसपास के मुख्य बाजार क्षेत्रों में पॉलीथीन व सिंगल यूज़ प्लास्टिक बेचने वाले छोटे दुकानदारों और वेंडरों को खड़खड़ी के एक बड़े गोदाम से थोक में माल सप्लाई किया जा रहा है। यही प्रतिबंधित प्लास्टिक गंगा स्नान, प्रमुख पर्व स्नानों और कांवड़ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान भारी मात्रा में कचरे और गंगा प्रदूषण का मुख्य कारण बन रही थी। इन गंभीर शिकायतों के बाद नगर निगम की एक विशेष टीम पिछले कई दिनों से इस इलाके में रेकी कर रही थी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली, बिना एक पल गंवाए नगर आयुक्त नंदन कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस और तहसील प्रशासन की मदद से टीम ने नानक चंद के पूरे आवासीय परिसर को घेर लिया, ताकि माल को कहीं और शिफ्ट न किया जा सके। जब घर के भीतर बने गोदाम का शटर खोला गया, तो अंदर प्रतिबंधित थर्माकोल की प्लेटें, कप, गिलास और भारी मात्रा में कैरी बैग (पॉलीथीन) बोरियों में भरकर रखे मिले, जिसे तुरंत सील कर दिया गया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद नगर आयुक्त नंदन कुमार ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पवित्र नगरी हरिद्वार और मां गंगा की स्वच्छता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। "प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ यह अभियान अब और तेज होगा। यदि कोई भी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो केवल चालान ही नहीं, बल्कि महामारी अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज कर सीधे जेल भेजने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस बड़ी और सख्त कार्रवाई की स्थानीय पर्यावरणविदों और तीर्थ पुरोहितों ने भी सराहना की है, जिनका मानना है कि ऐसे कड़े कदमों से ही हरिद्वार को वास्तव में स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।


संबंधित आलेख: