शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर हरियाणा सरकार की पहल:किसानों को दी बड़ी सौगात
शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस के अवसर पर हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रबी 2025 की फसल खराबे के लिए 22,617 किसानों को एक क्लिक के माध्यम से 52.14 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की। यह कदम न केवल किसानों के लिए आर्थिक राहत लेकर आया, बल्कि सरकार के किसान हितैषी रवैये को भी दर्शाता है। इस पहल ने किसानों के बीच विश्वास और उत्साह का संचार किया है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपनी मेहनत से देश का अन्न भंडार भरते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले लगभग 11 वर्षों में हरियाणा सरकार ने किसानों को फसल मुआवजे के रूप में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की है। यह आंकड़ा अपने आप में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तुलनात्मक रूप से, 2004 से 2014 के बीच केवल 5,500 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था, जो वर्तमान सरकार की उपलब्धियों के सामने काफी कम है। मौजूदा सरकार ने हर साल औसतन 1,360 करोड़ रुपये का फसल मुआवजा वितरित किया है, जो किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा बन चुका है। यह राशि न केवल प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की मदद करती है, बल्कि उन्हें भविष्य में बेहतर ढंग से खेती करने के लिए प्रोत्साहित भी करती है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने शहीद उधम सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उनके पैतृक निवास पर जाकर उनकी स्मृति को नमन किया। उन्होंने शहीद के परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार न केवल आर्थिक विकास पर ध्यान दे रही है, बल्कि देश के लिए बलिदान देने वालों के प्रति भी गहरा सम्मान रखती है। शहीद उधम सिंह, जिन्होंने जालियाँवाला बाग नरसंहार के दोषी माइकल ओ’डायर को सजा देकर देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया, उनकी शहादत हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह पहल हरियाणा सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें किसान और देशभक्ति दोनों को प्राथमिकता दी जाती है। एक ओर जहाँ किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी चिंताएँ कम की जा रही हैं, वहीं शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त कर देश की नई पीढ़ी को उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश दिया जा रहा है। यह कदम न केवल हरियाणा के किसानों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है। हरियाणा सरकार की यह पहल निश्चित रूप से अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक सिद्ध होगी।