उत्तराखंड में भारी बारिश का तांडव: चारधाम यात्रा पर लगा अस्थायी ब्रेक,11 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए 'रेड एवं ऑरेंज अलर्ट' के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से दो बड़े कदम उठाए हैं। यात्रा मार्गों के विभिन्न स्थानों पर हुए भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए आज (सोमवार) एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा का संचालन अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। इसके साथ ही, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के 11 प्रभावित जिलों में सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज एक दिवसीय अवकाश (छुट्टी) घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा को रोकने का यह निर्णय केवल और केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान मौसम एवं मार्गों की बिगड़ी स्थिति के मद्देनज़र एक एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है। गढ़वाल आयुक्त ने चारधाम रूट से जुड़े सभी जिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार, यात्रा मार्गों पर वर्तमान में मौजूद सभी तीर्थयात्रियों को उनके नजदीकी सुरक्षित स्थानों, होटलों या विश्राम गृहों में ठहराया जाए। उनके रहने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था की जाए। जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता और मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, मीडिया और अन्य आधिकारिक माध्यमों से आम जनता तथा तीर्थयात्रियों तक समय पर सही और सटीक जानकारी पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भ्रम न फैले। प्रशासन और पुलिस ने देश के विभिन्न कोनों से आए तीर्थयात्रियों से विशेष अपील की है कि वे यात्रा बंद होने की खबरों को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। श्रद्धालु केवल प्रशासन द्वारा जारी की जा रही आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और मौसम तथा मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक संबंधित जनपद प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह से अनुपालन करें। मार्ग सुरक्षित होते ही यात्रा पुनः शुरू कर दी जाएगी। गौरतलब है कि मानसून शुरू होने के बाद उत्तराखंड चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हालांकि सीमित हो जाती है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। भारी बारिश के बीच भी रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम के साथ-साथ हेमकुंड साहिब के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। बीते दिन यानी 19 जुलाई को ही चारधाम और हेमकुंड साहिब धाम में कुल 9,018 श्रद्धालुओं ने माथा टेका था। कपाट खुलने के बाद से लेकर अब तक कुल 44,84,429 श्रद्धालु देवभूमि के विभिन्न धामों के दर्शन कर चुके हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है। बदरीनाथ धाम 15,21,381 श्रद्धालु (सबसे अधिक),केदारनाथ धाम 14,09,668 श्रद्धालु,गंगोत्री धाम,6,99,387 श्रद्धालु,यमुनोत्री धाम 6,46,235 श्रद्धालु, हेमकुंड साहिब 2,07,758 श्रद्धालु दर्शन किए। बारिश के भीषण अलर्ट और पहाड़ी व मैदानी इलाकों में जलभराव व भूस्खलन के खतरों को देखते हुए संबंधित जिलाधिकारियों ने आज स्कूलों में ताले लटकाने के आदेश दिए हैं। जिन 11 जिलों में आज स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद हैं, उनमें देहरादून, पौड़ी,टिहरी,रुद्रप्रयाग,हरिद्वार,नैनीताल,ऊधम सिंह नगर,पिथौरागढ़,चमोली, चंपावत और उत्तरकाशी शामिल है। प्रशासन का कहना है कि वे लगातार मौसम के मिजाज पर नजर रख रहे हैं और स्थितियां सामान्य होते ही जनजीवन को पटरी पर लाया जाएगा।