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चाईबासा में 'जहरीले मशरूम' का कोहराम: सब्जी खाते ही बाप-बेटी समेत 6 लोग गंभीर रूप से बीमार, सदर अस्पताल में 3 घंटे चला डॉक्टरों का 'रेस्क्यू ऑपरेशन'

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 07, 2026 03:07 PM
Havoc caused by 'poisonous mushrooms' in Chaibasa: Six people, including a father and daughter, fell critically ill after consuming the vegetable; doctors conducted a three-hour 'rescue operation' at Sadar Hospital.

मानसूनी सीजन की शुरुआत के साथ ही देवभूमि झारखंड के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर जहरीले मशरूम (खखड़ी) का जानलेवा खतरा मंडराने लगा है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों में जहरीले मशरूम से बनी सब्जी खाने से दो अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को आनन-फानन में चाईबासा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने करीब तीन घंटे तक सघन इलाज कर सभी की जान बचाई। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है। 

पहली घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंजनबेड़ा गांव की है। यहाँ के निवासी चंद्र मोहन लोहार और उनकी पुत्री शांति लोहार ने स्थानीय बाजार से मशरूम खरीदकर घर में बड़े चाव से सब्जी बनाई थी। रात का भोजन करने के महज आधे घंटे बाद ही दोनों को तेज उल्टी, घबराहट और सीने में बेचैनी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते दोनों अचेत होने लगे, जिसके बाद डरे सहमे परिजनों ने बिना वक्त गंवाए उन्हें तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया। दूसरी घटना राजनगर थाना क्षेत्र के मिंडकी गांव स्थित भगवती स्टोन क्रशर परिसर की है। यहाँ काम करने वाले चार कर्मचारीनरेश महतो, दीपक कुमार, बुल्लू कुमार और शत्रुघ्न कुमार ने पास के ही एक खेत से प्राकृतिक रूप से उगे मशरूम तोड़े और उसकी सब्जी बनाकर आपस में मिल-बैठकर खाई। भोजन खत्म होने के कुछ ही मिनटों बाद चारों कर्मचारी पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद जमीन पर गिर पड़े। क्रशर के अन्य सहयोगियों की मदद से चारों को तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ए.जी. प्रसाद के नेतृत्व में मेडिकल स्टाफ ने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया। जहर को शरीर में फैलने से रोकने के लिए करीब तीन घंटे तक लगातार एंटी-डोज और आवश्यक उपचार दिया गया। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर जागरूकता की कमी को उजागर किया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बरसात के दिनों में जंगलों या खेतों से खुद तोड़कर लाए गए अज्ञात मशरूम का सेवन बिल्कुल न करें। यदि मशरूम खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी या घबराहट जैसे लक्षण दिखें, तो झाड़-फूंक या किसी अंधविश्वास और घरेलू नुस्खों के भरोसे समय बर्बाद करने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर आएं। केवल प्रमाणित और सुरक्षित कृषि स्रोतों (जैसे बटन या ऑयस्टर मशरूम) का ही सेवन स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है।


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