स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने साझा किए बड़े आंकड़े: हरियाणा टी.बी. उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे, 57 हजार मामलों का समय पर निदान
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार वर्ष 2030 तक टी.बी. (क्षय रोग) को समाप्त करने के केंद्र सरकार के लक्ष्य को साकार करने के लिए तेज़ी और प्रभावी प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश में अब तक किए गए प्रयास उल्लेखनीय हैं और स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक राज्यभर में 4 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 95 हजार का एक्स-रे परीक्षण किया गया। इन जांचों में 57 हजार मरीजों में टी.बी. के मामले नोटिफाई किए गए। मंत्री ने बताया कि टी.बी. रोगियों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं और पोषण के लिए प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक इस दिशा में 131 करोड़ रुपये सीधे मरीजों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जा चुके हैं। आरती सिंह राव ने आगे बताया कि निरोगी हरियाणा योजना के तहत 94 लाख लाभार्थियों की जांच की गई है, जिसमें 5.50 करोड़ से अधिक टेस्ट किए गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 27 लाख क्लेमों पर 3,000 करोड़ रुपये का व्यय किया गया है। इसके अलावा, चिरायु योजना के तहत 9.50 लाख क्लेमों पर 1,300 करोड़ रुपये का व्यय किया गया है। मंत्री ने यह भी कहा कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान में हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण सुधार किया है। राज्य पहले 10वें स्थान पर था, जबकि अब यह 5वें स्थान पर पहुंच चुका है। यह उपलब्धि प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और आम जनता के जीवन स्तर को सुधारने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आरती सिंह राव ने आशा व्यक्त की कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2030 तक टी.बी. उन्मूलन का लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य योजनाओं और वित्तीय सहायता के माध्यम से रोगियों को समय पर निदान और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। हरियाणा की यह पहल न केवल टी.बी. नियंत्रण में मददगार साबित हो रही है, बल्कि राज्य के व्यापक स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रमों की सफलता को भी दर्शाती है। यह प्रयास राज्यवासियों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और निरोगी भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।