हॉकी में मंचा घमासान: कोच सुधीर गोल्ला का पलटवार-असुंता लकड़ा के यौन उत्पीड़न के आरोप झूठे, बाहरी होने के कारण रची जा रही राजनीतिक साजिश'
रांची। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और 'बैड टच' के आरोपों पर हॉकी कोच सुधीर गोल्ला ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।कोच गोल्ला ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इन संगीन और झूठे आरोपों ने न केवल उनके पेशेवर करियर को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि उनके परिवार को भी गहरा मानसिक आघात दिया है। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने हमेशा असुंता लकड़ा का सम्मान किया है और उनके खिलाफ एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश रची जा रही है।
खिलाड़ियों द्वारा की गई शिकायतों पर अपना पक्ष रखते हुए सुधीर गोल्ला ने दावा किया कि किसी भी खिलाड़ी ने उनके खिलाफ कभी किसी गलत व्यवहार या बैड टच की शिकायत नहीं की थी। खिलाड़ियों ने केवल राज्य सरकार के सामने एक अतिरिक्त कोच की मांग रखी थी। अब उस मांग की आड़ में उन पर बच्चों के साथ गलत व्यवहार के झूठे आरोप मढ़े जा रहे हैं, जो पूरी तरह से असत्य हैं। मूल रूप से तेलंगाना (हैदराबाद) के रहने वाले सुधीर गोल्ला ने 'क्षेत्रवाद' का मुद्दा उठाते हुए कहा, "चूंकि मैं झारखंड का मूल निवासी नहीं हूँ, इसलिए मुझे निशाना बनाया जा रहा है। ऐसा महसूस कराया जा रहा है कि बाहरी होने के कारण मुझे बदनाम करके यहाँ से हटाने की कोशिश की जा रही है। कोच ने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि उन्होंने वर्ष 2024 से 2026 तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ झारखंड हॉकी के विकास के लिए काम किया। इस दौरान वे आठ बार झारखंड की टीम को विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लेकर गए और राज्य को कई स्वर्ण पदक दिलाकर राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी। उन्होंने पूछा कि अगर उन्होंने कभी भी कोई गलत काम किया होता, तो पहले कभी ऐसी शिकायत क्यों सामने नहीं आई? अचानक इस तरह के आरोप लगाना कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है। मामले में एक नया मोड़ देते हुए सुधीर गोल्ला ने सनसनीखेज खुलासा किया कि उन्हें रांची में जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं। इस संबंध में उनके पास कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग्स हैं, जिन्हें उन्होंने खेल विभाग और खेल निदेशालय को सौंप दिया है। उन्होंने यह भी कहा, "मेरे पास भी ऐसी कई आंतरिक जानकारियां और तथ्य हैं, जिन पर यदि मैं औपचारिक शिकायत दर्ज करा दूँ, तो कई लोगों का पारिवारिक जीवन प्रभावित हो सकता है। लेकिन मैं एक स्पोर्ट्स पर्सन हूँ और सिर्फ खेल को समझता हूँ, इसलिए इन बातों में नहीं पड़ना चाहता। सुधीर गोल्ला ने राज्य के मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और खेल विभाग पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने चुनौती दी कि यदि किसी के पास उनके खिलाफ कोई भी ठोस सबूत है, तो उसे जांच एजेंसियों के सामने पेश करे; वे भी अपने साक्ष्य कमेटी के सामने रखने के लिए तैयार हैं। कोच ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उन्हें निष्पक्ष न्याय नहीं मिला, तो वे आगे कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे। उनका कहना है कि खेल और खिलाड़ियों का हित उनके लिए सर्वोपरि है और उन्हें उम्मीद है कि सच जल्द ही सबके सामने आएगा।