नैनीताल में बारिश का प्रचंड प्रहार: उफान पर आई नैनीझील, 18 इंच खोले गए निकासी गेट,भवाली मार्ग पर मलबा आने से यातायात ठप
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में कल शाम से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण शहर के तमाम नदी-नाले और गटर उफान पर हैं, वहीं नैनीझील के जलस्तर में भी रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है। झील में पानी के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन को आपात स्थिति में निकासी गेट करीब 18 इंच तक खोलने पड़े हैं।
नैनीताल में कल शाम से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के चलते शहर के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और नैनीझील का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। झील में बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने पानी की निकासी के लिए निकासी गेट करीब 18 इंच तक खोल दिए हैं। मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। लगातार बारिश के कारण शहर की जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर गटर ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी भर गया। सड़क पर पानी जमा होने के कारण पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह जलभराव के चलते यातायात की रफ्तार धीमी हो गई है। भारी बारिश का असर नैनीताल-भवाली मार्ग पर भी देखने को मिला। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से अचानक मलबा और बोल्डर सड़क पर गिर गए, जिससे मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। सड़क बाधित होने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। सड़क बाधित होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल जेसीबी मशीन मौके पर भेजी। मशीन की मदद से सड़क पर आए मलबे और बोल्डरों को हटाने का काम शुरू कराया गया, ताकि यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लगातार बारिश के कारण नैनीताल शहर के प्रमुख नाले भी उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। लोगों से भी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की जा रही है। नैनीझील का जलस्तर बढ़ना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। इसी को देखते हुए झील से पानी की निकासी के लिए गेट खोले गए हैं, ताकि जलस्तर को नियंत्रित रखा जा सके और शहर में जलभराव की स्थिति गंभीर न हो। भारी बारिश के चलते सरोवर नगरी में पर्यटन और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। मौसम लगातार खराब बना हुआ है और बारिश जारी रहने से प्रशासन की चुनौती बढ़ सकती है। फिलहाल जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर नजर रखे हुए हैं तथा सड़क, जल निकासी और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।