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उत्तराखण्ड में भारी बारिश ने मचाई तबाही! चमोली में तमक नाला उफनाया, तेज बहाव में लोहे का बैली ब्रिज बहा

editor
  • Awaaz Desk
  • August 10, 2026 01:08 PM
Heavy rains wreak havoc in Uttarakhand! The Tamak Drain in Chamoli overflows, sweeping away an iron Bailey bridge in the strong current.

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार दोपहर अचानक हुई भारी बारिश के बाद तमक नाले में आए जलसैलाब ने तबाही मचा दी। नीती घाटी की ओर जाने वाले मार्ग पर तमक नाला देखते ही देखते उफान पर आ गया। पानी के साथ आए मलबे और तेज बहाव की चपेट में आकर सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा हाल ही में बनाया गया बैली ब्रिज पूरी तरह बह गया। घटना के दौरान आसपास मौजूद वाहन भी तेज बहाव की चपेट में आए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक गाड़ी, एक ट्रक और हवलदार रैंक के एक कर्मचारी के भी बहने की सूचना है। हालांकि प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। अचानक आए जलसैलाब की तस्वीरें बेहद भयावह हैं। कुछ ही पलों में तमक नाले का पानी सामान्य धारा से बढ़कर विकराल रूप में नजर आने लगा। तेज बहाव अपने साथ भारी मात्रा में मलबा लेकर आया, जिसकी चपेट में पुल भी आ गया। देखते ही देखते लोहे का पुल पानी में समा गया। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने पुल बहने की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं। वहीं चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, प्रारंभिक सूचना में एक ब्रिज, एक गाड़ी, एक ट्रक और हवलदार रैंक के एक कर्मचारी के बहने की बात सामने आई है। अन्य कर्मचारियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

अचानक उफान से मची अफरा-तफरी
चमोली जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। सोमवार दोपहर बारिश ने अचानक जोर पकड़ लिया। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान छोटे-बड़े नाले और गाड़-गधेरे अचानक उफान पर आ जाते हैं। तमक नाले में भी इसी तरह अचानक पानी का स्तर बढ़ा और देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पानी के साथ बहकर आया मलबा आसपास के क्षेत्र में फैल गया। पुल के बहने के बाद नीती घाटी की ओर जाने वाले आवागमन पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मौके की स्थिति का आकलन कर रही हैं।

BRO का नया पुल भी नहीं बचा
तमक क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन की ओर से हाल ही में लोहे का नया पुल बनाया गया था। यह पुल स्थानीय लोगों की आवाजाही के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता था। लेकिन नाले में अचानक आई बाढ़ ने पुल की संरचना को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। तेज बहाव के सामने पुल टिक नहीं सका और देखते ही देखते पानी में बह गया। इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण के दौरान प्राकृतिक जलधाराओं के व्यवहार और आपदा जोखिम को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि घटना के कारणों और निर्माण संबंधी किसी संभावित तकनीकी पहलू पर अभी आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

सेब की फसल को भी नुकसान, किसानों पर दोहरी मार
तमक क्षेत्र में आई बाढ़ से किसानों और बागवानों को भी नुकसान की आशंका है। क्षेत्र में सेब की फसल तैयार होने के करीब है। तेज बारिश और नाले के उफान के कारण कई बाग प्रभावित होने की सूचना है। कुछ स्थानों पर सेब के पेड़ों और फलों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका बागवानी पर निर्भर है। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से फसल को होने वाला नुकसान किसानों के लिए आर्थिक परेशानी बढ़ा सकता है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किए जाने के बाद ही वास्तविक क्षति का पता चल सकेगा।


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