चंडीगढ़ धमाके के बाद देहरादून में हाई अलर्ट: एजेंसियों ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय की सुरक्षा का जायजा लिया, बढ़ाई गई सिक्योरिटी
देहरादून। चंडीगढ़ स्थित भाजपा मुख्यालय में हुए बम धमाके की गूँज देवभूमि तक पहुँच गई है। इस सनसनीखेज घटना के बाद उत्तराखंड की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर आ गई हैं। राजधानी देहरादून के बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक निरीक्षण किया और सुरक्षा घेरा और कड़ा करने के निर्देश जारी किए।
चंडीगढ़ की घटना से सबक लेते हुए देहरादून पुलिस, एलआईयू , इंटेलिजेंस विभाग और अग्निशमन विभाग के आला अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाजपा मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। घंटों चले इस अभियान के दौरान सीओ सिटी, एसओ इंटेलिजेंस और फायर विभाग के अधिकारियों ने कार्यालय परिसर के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया। टीम ने विशेष रूप से मुख्यालय की बाउंड्री वॉल, प्रवेश और निकास द्वारों और आसपास की संकरी गलियों की सुरक्षा समीक्षा की। सुरक्षा एजेंसियों ने केवल कार्यालय ही नहीं, बल्कि मुख्यालय की दीवार से सटे घरों में रहने वाले लोगों का भी सत्यापन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने संगठन को निर्देश दिए हैं कि परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए और पुराने अग्निशमन यंत्रों को अपडेट किया जाए। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए एक अलग 'इमरजेंसी एग्जिट' तैयार करने को भी कहा गया है। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बलबीर रोड इलाके का अत्यधिक भीड़भाड़ वाला होना सामने आई। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया कि आपात स्थिति में यहाँ फायर टेंडर (दमकल की गाड़ियां) पहुँचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिसके लिए विशेष योजना बनाने की आवश्यकता है। इसके अलावा, वर्तमान में तैनात सुरक्षाकर्मियों की संख्या को नाकाफी बताते हुए अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का सुझाव दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चंडीगढ़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद ये सभी कदम एहतियातन उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगठन स्तर पर बैठक कर सुरक्षा एजेंसियों के सुझावों को अमल में लाया जाएगा। रावत ने कहा, "ऐसी घटनाओं का असर अन्य राज्यों पर भी पड़ता है, इसलिए सतर्कता अनिवार्य है। हमने भी एजेंसियों के सामने सुरक्षा बढ़ाने को लेकर अपनी कुछ मांगें रखी हैं। फिलहाल, भाजपा मुख्यालय के बाहर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और आने वाले दिनों में यहाँ आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन चेकिंग के बाद ही प्रवेश सुनिश्चित करने की तैयारी है।