• Home
  • News
  • High-Profile 'Note-Doubling' Gang Busted in Bihar: Several White-Collar Figures—Including a JDU Leader and a Headmaster—Under the Scanner; ₹95 Lakh in Cash Seized

बिहार में ‘नोट डबल’ करने वाले हाई-प्रोफाइल गैंग का भंडाफोड़: जेडीयू नेता और हेडमास्टर समेत कई सफेदपोश रडार पर, ₹95 लाख कैश जब्त

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 20, 2026 06:05 AM
High-Profile 'Note-Doubling' Gang Busted in Bihar: Several White-Collar Figures—Including a JDU Leader and a Headmaster—Under the Scanner; ₹95 Lakh in Cash Seized

बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस ने नोटों को दोगुना करने वाले एक ऐसे हाई-प्रोफाइल और शातिर रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसके तार राजनीतिक गलियारों से लेकर शिक्षा विभाग तक जुड़े हैं। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सिंगासन गांव में हुई इस छापेमारी ने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरत में डाल दिया है। इस काले धंधे के पीछे कोई छोटे-मोटे अपराधी नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड के नेता, एक जिला पार्षद और एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर समेत समाज के कई तथाकथित सफेदपोश चेहरे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस गैंग का जाल पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से लेकर पड़ोसी देश नेपाल तक फैला हुआ है। सदर एसडीपीओ (SDPO) राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस को सिंगासन गांव में रासायनिक प्रक्रिया के जरिए नोटों को डबल करने के नाम पर एक बड़ी डील होने की गुप्त सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

पुलिस ने मौके से 95.27 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी, गोदरेज कंपनी की एक आसमानी रंग की नोट गिनने वाली मशीन, और 5-5 लीटर के गैलन में भरा हुआ 25 लीटर रंगीन द्रवित रसायन (केमिकल) बरामद किया। इसके अलावा, एक अन्य गैलन से 3 लीटर सफेद रसायन और तीन बड़े कार्टन में भरकर रखे गए असली नोट के आकार के सफेद व काले रंग के कागज के बंडल बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल जालसाजी में होता था। मौके से धंधेबाजों की एक काली स्कॉर्पियो और मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। इस रैकेट की कार्यप्रणाली बेहद शातिराना थी। सारण (छपरा) जिले के पानापुर निवासी नंदकिशोर राय और उनका बेटा सौरभ कुमार अपने एक रिश्तेदार कामेश्वर राय (जो कि गम्हारी पंचायत के बलहां स्कूल के हेडमास्टर हैं) के बहकावे में आ गए थे। वे अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में पूरे 95.27 लाख रुपये नकद लेकर पैसे डबल कराने सिंगासन गांव पहुंचे थे, लेकिन रकम सौंपने से ठीक पहले ही पुलिस की रेड पड़ गई और वे लुटने से बच गए। गिरोह के मुख्य सरगना कमाल खान, दिलशेर खान और जोहेब अंसारी ने लोगों को फंसाने के लिए एक अचूक जाल बुना था। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। सदर एसडीपीओ राजेश कुमार ने साफ किया कि जांच में कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े रसूखदार लोगों और एक जिला परिषद सदस्य के नाम सामने आए हैं। एक बड़े जिले के नेता की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। साक्ष्य मिलते ही इस गिरोह से जुड़े सभी सफेदपोशों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


संबंधित आलेख: