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उत्तराखंड में 'युवा' वोटर्स पर आर-पार: राहुल गांधी के छात्र संवाद से पहले सीएम धामी का 'अग्निवीर' मास्टरस्ट्रोक,बोले-'कांग्रेस राज में चलती थी पर्ची-खर्ची, अब मेधावियों को नौकरी'

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 17, 2026 07:07 AM
High-stakes battle for 'youth' votes in Uttarakhand: CM Dhami's 'Agniveer' masterstroke ahead of Rahul Gandhi's student interaction—"Under Congress rule, jobs were secured through 'parchi-kharchi' (nepotism and bribes); now, the meritorious get the jobs."

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की सियासत में आज का दिन 'युवा और रोजगार' के नाम रहा। राजधानी देहरादून में आज युवाओं को साधने के लिए दो बड़े सियासी दिग्गजों के बीच जबरदस्त शह और मात का खेल देखने को मिला। एक तरफ जहां कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी शाम पांच बजे से छात्रों के साथ सीधा संवाद करने जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी गूंज से ठीक पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'युवा अग्निवीर संवाद' कार्यक्रम के जरिए एक बड़ा काउंटर-अटैक (मास्टरस्ट्रोक) खेल दिया है।

देहरादून में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में युवाओं के भारी हुजूम और उनके अभूतपूर्व जोश के बीच सीएम धामी ने न केवल अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि कांग्रेस के शासनकाल पर भी तीखे राजनीतिक बाण छोड़े। युवा अग्निवीर संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि के युवाओं की आंखों में देश सेवा की जो चमक और जो जोश दिखाई दे रहा है, वही उन्हें राज्य के विकास के लिए दिन-रात काम करने के लिए प्रेरित करता है। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में आज भारत एक नई और ऐतिहासिक गति से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2014 के बाद से देश में ऐसे ऐतिहासिक काम हो रहे हैं जो पहले अकल्पनीय थे। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की चहुंमुखी प्रगति के लिए विकास और राजनीतिक स्थिरता सबसे जरूरी होती है। उत्तराखंड की जागरूक जनता ने बार-बार सरकार बदलने के पुराने चुनावी मिथक को तोड़कर स्थिरता और सुशासन को चुना है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रदेश के सबसे संवेदनशील मुद्दे 'पेपरलीक' और भर्ती घोटालों पर खुलकर बात की। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के समय से लेकर बाद की कांग्रेस सरकारों तक दरोगा, पटवारी और कई अन्य महत्वपूर्ण भर्तियों के पेपर धड़ल्ले से लीक हुए। लेकिन उस दौर में नकल माफियाओं पर कभी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। हमारी सरकार के आते ही हमने पेपरलीक करने वाले सिंडिकेट को नेस्तनाबूद किया। आज राज्य में बिना किसी 'पर्ची और खर्ची' (रिश्वत और पैरवी) के युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। पहले के शासनकाल में केवल नकल माफियाओं और रसूखदारों के बच्चों का ही चयन होता था, लेकिन आज एक सामान्य और गरीब परिवार का बच्चा भी अपनी मेहनत के दम पर सरकारी अधिकारी बन रहा है। सीएम धामी ने भावुक होते हुए कहा कि वे खुद एक सैन्य परिवार (सैनिक पुत्र) से आते हैं, इसलिए वे सैनिकों, उनके परिवारों और देश सेवा का जज्बा रखने वाले युवाओं की परेशानियों तथा उनकी भावनाओं को बहुत गहराई से समझते हैं। राज्य सरकार ने पिछले 5 वर्षों के भीतर प्रदेश के 34 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी पदों पर पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां दी हैं। सरकार युवाओं को प्रदेश के विकास का सबसे सशक्त स्तंभ मानती है। उनके लिए शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, खेल और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार पहले ही देश सेवा कर लौटने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बड़ी नीतिगत घोषणाएं कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि 4 साल की सेवा के बाद जब अग्निवीर मुख्यधारा में वापस लौटेंगे, तो उत्तराखंड सरकार विभिन्न सरकारी विभागों, पुलिस भर्ती और अन्य सेवाओं में उन्हें विशेष प्राथमिकता देकर समायोजित करेगी। अब देखना यह होगा कि सीएम धामी के इस 'अग्निवीर संवाद' और कड़े तेवरों के बाद, शाम को होने वाले राहुल गांधी के छात्र संवाद का युवाओं पर कितना और क्या असर पड़ता है।


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