• Home
  • News
  • Historic Meta-Reliance Partnership: India's first AI data center to be built in Jamnagar; a major step towards making the country a global artificial intelligence hub.

मेटा-रिलायंस की ऐतिहासिक साझेदारी: जामनगर में बनेगा भारत का पहला AI डेटा सेंटर, देश को वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

editor
  • Awaaz Desk
  • June 10, 2026 08:06 AM
Historic Meta-Reliance Partnership: India's first AI data center to be built in Jamnagar; a major step towards making the country a global artificial intelligence hub.

नई दिल्ली। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। सोशल मीडिया दिग्गज Meta ने भारत में अपना पहला AI-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए Reliance Industries Limited के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। गुजरात के जामनगर में बनने वाला यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर न केवल मेटा के वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देगा, बल्कि भारत को वैश्विक AI हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किए जाने वाले इस डेटा सेंटर की शुरुआती क्षमता 168 मेगावॉट होगी और इसे अगले दो वर्षों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विस्तार की भी व्यापक संभावनाएं रखी गई हैं। यह पहली बार होगा जब मेटा भारत में अपने लिए विशेष रूप से तैयार किए गए डेटा सेंटर का उपयोग करेगी।

भारत बनेगा AI क्रांति का नया केंद्र
AI तकनीक के क्षेत्र में दुनिया भर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मेटा का यह निवेश भारत के प्रति उसके बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म संचालित करने वाली कंपनी का मानना है कि भारत का विशाल डिजिटल उपभोक्ता आधार, तेजी से बढ़ती इंटरनेट पहुंच और तकनीकी नवाचारों के लिए अनुकूल माहौल इसे AI निवेश के लिए आदर्श बाजार बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत के AI मिशन को नई गति देगी और देश में उच्च स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने में मददगार साबित होगी। इससे AI आधारित सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल नवाचारों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

मार्क जुकरबर्ग बोले- भारत में निवेश को मिलेगी नई मजबूती
मेटा के संस्थापक और सीईओ Mark Zuckerberg ने इस साझेदारी को लेकर खुशी जताते हुए कहा कि जामनगर में बनने वाला यह विश्वस्तरीय डेटा सेंटर कंपनी के वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजारों में से एक है और यह निवेश भारत की अर्थव्यवस्था के प्रति मेटा की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। जुकरबर्ग ने यह भी संकेत दिया कि यह परियोजना मेटा की भविष्य की "पर्सनल सुपर इंटेलिजेंस" रणनीति को गति देने में मदद करेगी, जिसके तहत कंपनी उन्नत AI तकनीकों को अपने उत्पादों और सेवाओं में और अधिक व्यापक रूप से शामिल करना चाहती है।

रिलायंस देगी एंड-टू-एंड सेवाएं
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रिलायंस केवल डेटा सेंटर का निर्माण ही नहीं करेगी, बल्कि इसके पूरे जीवनचक्र के दौरान सभी प्रमुख सेवाएं भी उपलब्ध कराएगी। इनमें डिजाइन, निर्माण, यूटिलिटी प्रबंधन, नेटवर्क कनेक्टिविटी, नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति और पूर्ण परिचालन सेवाएं शामिल हैं। रिलायंस की यह भूमिका उसे भारत में हाइपरस्केल AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र का प्रमुख "सिंगल विंडो सॉल्यूशन प्रोवाइडर" बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे ग्राहकों को डेटा सेंटर से जुड़ी सभी आवश्यक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेंगी।

जामनगर क्यों बना पसंदीदा ठिकाना?
जामनगर पहले से ही रिलायंस की विशाल ऊर्जा और औद्योगिक परियोजनाओं का केंद्र रहा है। अब AI डेटा सेंटर के आने से यह शहर डिजिटल और तकनीकी बुनियादी ढांचे के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है। कंपनी के अनुसार, यहां उपलब्ध ऊर्जा संसाधन और विकसित औद्योगिक ढांचा इसे बड़े AI डेटा सेंटर के लिए उपयुक्त बनाते हैं। इसके अलावा, डेटा सेंटर को नवीकरणीय ऊर्जा आधारित मॉडल पर संचालित करने की योजना है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, मेटा और रिलायंस की यह साझेदारी भारत में विदेशी निवेश, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI अनुसंधान और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा दे सकती है। यह परियोजना देश को केवल AI तकनीक का उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि वैश्विक AI विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी मददगार साबित हो सकती है। भारत में AI और डेटा सेंटर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में अरबों डॉलर के निवेश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में मेटा का यह कदम भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।


संबंधित आलेख: