रुड़की में खौफनाक वारदात: खेल रहे 12 साल के बच्चे को निगल गया मगरमच्छ,पुलिस ने बरामद किया शव,ग्रामीणों में दहशत
रुड़की। हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बंजारेवाला गांव में एक 12 वर्षीय मासूम बच्चे को मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया। स्टोन क्रशर के पास खेल रहे बच्चे पर मगरमच्छ ने अचानक हमला किया और उसे खींचकर गहरे पानी में ले गया। इस खौफनाक मंजर को देखकर आसपास के लोगों की रूह कांप गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और पीड़ित परिवार में मातम पसरा है।
जानकारी के मुताबिक, बंजारेवाला गांव निवासी रामकुमार का 12 वर्षीय पुत्र राम रहीम शनिवार को गांव के पास स्थित एक स्टोन क्रशर के समीप खेल रहा था। इसी दौरान पास ही मौजूद जलभराव वाले क्षेत्र से अचानक एक विशालकाय मगरमच्छ निकला और उसने राम रहीम पर हमला कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या शोर मचाता, मगरमच्छ बच्चे को अपने जबड़ों में दबोचकर पानी के भीतर खींच ले गया। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाकर बुग्गावाला थाना प्रभारी निरीक्षक अंकुर शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने काफी देर तक पानी के आसपास तलाशी अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद बच्चे के शव को बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है। जैसे ही बच्चे की मौत की खबर घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव का हर शख्स इस घटना से स्तब्ध है। गांव वालों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जलभराव वाले क्षेत्रों में मगरमच्छ इस तरह जानलेवा हमला कर सकते हैं। बुग्गावाला थाना प्रभारी निरीक्षक अंकुर शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को बरामद कर लिया है। उन्होंने क्षेत्र के ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि वे नदी, तालाब और स्टोन क्रशर के पास होने वाले जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों की ओर न जाएं। बरसात और जलभराव के कारण मगरमच्छ जैसे हिंसक जीव रिहायशी इलाकों के आसपास के पानी में आ जाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से बच्चों को अकेले पानी वाली जगहों पर न भेजें।इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर जंगली जानवरों और इंसानों के संघर्ष की गंभीर तस्वीर पेश की है, जिससे पूरे रुड़की क्षेत्र में भय का माहौल है।