बोकारो में भीषण सड़क हादसा: शादी समारोह से लौट रहे बाइक सवार 3 दोस्तों को अज्ञात वाहन ने कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत
झारखंड के बोकारो जिले के पिंड्राजोड़ा थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और मर्माहत करने वाली खबर सामने आई है। पुरुलिया-धनबाद नेशनल हाईवे पर स्थित बेड़ानी मोड़ के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से ही दोनों प्रभावित गांवों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सभी मृतक युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे, तभी काल ने उन्हें अपने गाल में समा लिया।
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान सुमित गोराई (निवासी विस्थापित चौक), आर्यन महतो और अमर महतो (दोनों निवासी भंडरो) के रूप में हुई है। तीनों युवकों की उम्र महज 20 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात तीनों दोस्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बेड़ानी मोड़ के पास विपरीत दिशा या पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक हाईवे पर दूर जा गिरे और गंभीर चोटें आने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पिंड्राजोड़ा थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को फौरन घटना स्थल पर रवाना किया गया। थाना प्रभारी का आधिकारिक बयान देते हुए कहा "हमें सुबह सूचना मिली थी कि बेड़ानी मोड़ के पास एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है। तत्काल पेट्रोलिंग पार्टी को मौके पर भेजा गया। तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार थे। उन्हें तत्काल उठाकर सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चास के अनुमंडल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए हाईवे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जैसे ही तीनों युवकों के शव उनके पैतृक गांव भंडरो और विस्थापित चौक पहुंचे, वैसे ही पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया और चूल्हे तक नहीं जले। मृत युवकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने हाईवे पर लगातार बढ़ रहे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों ने सरकार से उचित मुआवजे और हाईवे पर गति सीमा तय करने व स्पीड ब्रेकर/साइन बोर्ड लगाने की गुहार लगाई है, ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो।